नारनौल। बारिश के मौसम में डेंगू फैलने का खतरा अधिक रहता है। जिले में अब तक डेंगू का कोई मरीज नहीं मिला है। इसके उपचार और उसकी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी तैयारियां की गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव व शहर में जाकर लोगों को मलेरिया और डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए व लार्वा की जांच के लिए 152 टीमों का गठन किया गया है। किसी घर में मलेरिया और डेंगू के मच्छरों के लार्वा मिलने पर स्वास्थ्य टीम द्वारा परिवार और आस-पास के सभी लोगों की जांच की जाती है और दवा का छिड़काव किया जाता है। जिले में अब तक 1125 जगह लारवा मिला है।
डेंगू मरीज के उचित उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिक अस्पताल नारनौल में अलग से डेंगू वार्ड भी बनाया गया है। साथ ही महेंद्रगढ़ सामान्य अस्पताल और कनीना, अटेली, सतनाली और नांगल चौधरी के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी डेंगू उपचार केंद्र बनाए गए हैं, ताकि मरीज का बेहतर उपचार किया जा सके। यदि किसी मरीज की प्लेटेट्स 1,25,000 से 1,50,000 तक या उससे ज्यादा है तो उनका उपचार जिले में किसी भी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध है। वहीं अगर कोई मरीज ज्यादा गंभीर है या प्लेट कम है तो उसका उपचार नागरिक अस्पताल नारनौल में बने डेंगू वार्ड में किया जाता है।
निजी अस्पताल नहीं ले सकते जांच के लिए 600 रुपये से ज्यादा शुल्क
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया व डेंगू के उपचार के लिए लोगों को बहुत सी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है ताकी उपचार के लिए आने वाले मरीजों को निजी अस्पताल से उपचार नहीं लेना पडे। क्योंकि निजी अस्पताल में सुविधाएं तो होती है मगर उपचार बहुत महंगा होता है। इससे लोगों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं मलेरिया की जांच जिला नागरिक अस्पताल सहित अन्य कई सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है। लेकिन डेंगू की जांच केवल जिला नागरिक अस्पताल में ही उपलब्ध है। इसलिए डेंगू की जांच के लिए लोग निजी अस्पताल का रुख कर रहें है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी अस्पतालों में डेंगू की जांच के लिए 600 रुपये निर्धारित किए गए हैं। कोई भी निजी अस्पताल डेंगू की जांच के लिए 600 रुपये से ज्यादा नहीं ले सकता है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को डेंगू व मलेरिया के प्रति जागरूक करने और रोकथाम के लिए पूरे जिले में 152 टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर रही है। अब तक करीब 1125 जगह पर लार्वा पाया गया है। लारवा मिलने वाली जगह पर लोगों की जांच की जाती है और दवा का छिड़काव किया जाता है। नागरिक अस्पताल में डेंगू वार्ड भी बनाया गया है ताकि मरीजों को उचित उपचार मिल सके।
डॉ. मनीष, डीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल नारनौल।