नारनौल। जिले में कार्यरत केवल एनएचएम कर्मचारियों को जियो अटेंडेंस एप पर हाजरी लगाने के आदेश के बाद विरोध होना शुरू हो गया है। इसको लेकर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ संबंधित भारतीय मजदूर संघ की जिला इकाई द्वारा जिला अध्यक्ष डाॅ. पुष्पेंद्र की अध्यक्षता में एक आपात बैठक का आयोजन किया गया।
डाॅ. पुष्पेंद्र ने बताया कि मोबाइल एप से व्यक्तिगत संवेदनशील डाटा तक अनाधिकृत पहुंच, साइबर धोखाधड़ी और डेटा के दुरुपयोग के खतरे को बढ़ाता है। उन्होंने बताया कि जिले का कोई भी एनएचएम कर्मचारी जियो अटेंडेंस एप के लिए अपना डाटा साझा नहीं करेगा। जिला मंत्री विनोद राव ने बताया कि कर्मचारी को मोबाइल डाटा एप्लीकेशन के आधार पर ट्रैक किया जाएगा जो निजता के अधिकार का उल्लंघन है।
बैठक के बाद संघ की जिला इकाई द्वारा सिविल सर्जन डाॅ. अशोक कुमार को लिखित में दिया कि एनएचएम का प्रत्येक कर्मचारी बहुत ही मेहनत एवं लगन के साथ मामूली वेतन में स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहा हैं। स्वास्थ्य विभाग में केवल एनएचएम कर्मचारी ही कार्यरत नही है, यहां बहुत बड़ी संख्या में ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी जिले की विभिन्न चिकित्सा संस्थाओं में विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं, जो कि एनएचएम के अंतर्गत नही है। केवल और केवल एनएचएम कर्मचारियों को स्पेशल टारगेट करना एनएचएम कर्मचारियों के प्रति सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इसलिए जब तक स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सभी श्रेणियों के लिए जियो अटेंडेंस एप से संबंधित एक समान आदेश जारी नही होते हैं तब तक एनएचएम कर्मचारी भी एप से अपनी उपस्थिति दर्ज नही करेगा।
संघ के प्रदेश कार्यालय सचिव हरकेश ने कहा कि विभाग के अधिकारियों द्वारा बार-बार तुगलकी पत्र जारी करके एनएचएम कर्मचारियों को उकसाने का काम किया जा रहा है। इस अवसर पर जितेंद्र यादव, डाॅ. गिरधर, ऋषी गोठवाल, बिंदू यादव, सुनीता कुमारी, दिनेश शर्मा, टीका थापा बहादुर, गौरव कक्कड़, दिनेश सैनी, राजकुमार, सुनीता यादव, रेणू यादव, मीरा यादव, संजू सैनी, उमेश कश्यप, डाॅ. दिव्या गिरधर, जितेंद्र बदोपुर इत्यादि सम्मिलित थे।