नारनौल। एनएचएम कर्मचारियों का धरना सात दिन से लगातार जारी है। अब एनएचएम कर्मचारियों ने नागरिक अस्पताल की जगह लघु सचिवालय में धरना शुरू कर दिया। धरने को संबोधित करते हुए रुचिका ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार ने बेटियों को सड़कों पर लाने काे मजबूर किया है।
उन्होंने कहा कि या तो सरकार उनकी बात को सुनकर समाधान कर दें अन्यथा आने वाले समय में सरकार की यह करनी भरनी पड़ेगी। यदि सरकार वास्तव में बेटियाें की हितैषी है तो 27-28 वर्षों से अनुबंधित की तलवार सह रही इन बेटियों को नियमित करें। हड़ताल की अध्यक्षता कर रहे जिला अध्यक्ष डाॅ. पुष्पेंद्र ने बताया कि यदि 2 अगस्त तक उनकी मांगे नही मानी जाती है तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सिविल सर्जन नारनौल द्वारा राज्य स्तरीय उच्च अधिकारियों के दबाव के कारण हमें नागरिक अस्पताल नारनौल के परिसर से उठाया गया है।
इस दौरान सेवानिवृत कर्मचारी संघ के प्रेस सचिव धमेंद्र यादव ने कर्मचारियों के बीच में पहुंचकर समर्थन किया। सर्व कर्मचारी संघ के राज्य सचिव महेन्द्र बोयत व जिला प्रधान कौशल कुमार ने भी धरने को संबोधित किया। धरने को स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के हरकेश, डाॅ. प्रीति, डाॅ. नितिन, डाॅ. सोनिया, डाॅ. सुचिता अरोड़ा, जिला संयोजक संदीप यादव, जिला मंत्री विनोद राव, सपना, सुनीता मान, कमलेश, ज्ञानवति, सुशीला देवी, दिलबाग सिंह, हेमंत गर्ग मौजूद रहे।