नारनौल। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों के लिए बनाई नई तबादला नीति जी का जंजाल बनती जा रही है। इस नीति की कई शर्तों के कारण शिक्षक परेशान हैं। वहीं पालिसी में शिक्षा विभाग में 'कपल केस' के लिए दिए गए 10 नंबरों के बेनिफिट भी उम्मीदवार की निजी प्रोफाइल खोलने पर दिखाई नहीं दे रहा। खामियों से परिपूर्ण इस नीति में पोर्टल तो बनाया गया है, किंतु तबादला पोर्टल पर नई स्वीकृत पद तक नहीं दर्शा रहा है। वहीं 20 पदों पर तबादला चाहने वाले एक हजार शिक्षक हैं। समस्या की जड़ नए पीजीटी पदोन्नत शिक्षक हैं। जिनकी काउंसिलिंग न करके उनको जबरन दूर दराज फेंक दिया गया।
जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग में तबादले करने के लिए एमआईएस नामक पोर्टल शुरू किया। इस पोर्टल पर चार से सात जुलाई तक तबादला चाहने वाले शिक्षक अपना अपना आप्शन भर सकते थे। वहीं सात जुलाई तब शिक्षक पोर्टल खोलने के लिए दिन रात एक करते रहे किंतु पोर्टल खुला ही नहीं। इससे पूर्व शिक्षा विभाग ने 2200 शिक्षक पीजीटी पर पदोन्नत करते हुए 70 फीसदी शिक्षकों का दूर दराज के जिलों में तबादला कर समस्या पैदा कर डाली। अब शिक्षा विभाग ने पुन: आठ से 11 जुलाई तक अपने अपने तबादले के लिए आप्शन चुनने का विकल्प डाला है। एक ओर तो पांच साल से अधिक एक ही जोन में काम करने वालों के पद रिक्त मान लिए हैं किंतु पोर्टल पर ऐसा एक भी पद रिक्त नहीं दिखाया जा रहा है। एक ओर पांच साल से अधिक समय से एक ही स्टेशन पर रहने वाले शिक्षक तबादले के लिए रिक्त पदों के लिए आप्शन चुन सकते हैं किंतु उनका पद फिर भी रिक्त नहीं। एक ओर शिक्षा विभाग ने रेशनलाइजेशन के तहत नए पद सृजित कर डाले किंतु वे पद पोर्टल पर रिक्त नहीं। ऐसे में शिक्षकों में रोष पनप रहा है। शिक्षा विभाग ने एक चाल चलते हुए आठ से 11 जुलाई तक आप्शन चुनने का समय दिया वो भी आठ जुलाई को पात: करीब 11 बजे किंतु अगले दो दिन अवकाश है अर्थात शनिवार एवं रविवार का वहीं सोमवार को अंतिम तिथि निर्धारित कर दी गई।
शिक्षक मुंशीराम, सत्यवीर सिंह, एचएस यादव, महेंद्र सिंह आदि ने विभाग एवं पोर्टल की कमियों को उजागर करते हुए कोर्ट में जाने की अनुमति मांगी है। शिक्षकों ने बताया कि पदोन्नति न चाहने वालों के लिए फारगो का आप्शन होता है लेकिन इस वर्ष शिक्षा विभाग द्वारा पीजीटी पर की गई पदोन्नतियां जरूरी कर दी गई हैं। एचएस यादव कनीना ने बताया कि उन्होंने पदोन्नति फारगो के लिए चार बार रजिस्टर्ड पत्र एवं 20 ईमेल करवा डाले किंतु उनका फारगो स्वीकृत नहीं किया जा रहा है। वहीं अटेली से विजेंद्र कुमार व विक्रम आदि ने बताया कि पालिसी के पेज नंबर पांच पर पांच नंबर प्वाइंट में लिखा गया है कि शिक्षा विभाग में ही कार्यरत कपल केस के लिए दस नंबरों का लाभ है, मगर शिक्षक जब अपनी निजी प्रोफाइल खोलते हैं तो कपल केस के मिलने वाले 10 प्वाइंट दिखाई नहीं देते। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग और यहां तक की उच्च शिक्षा अधिकारियों से बार बार शिक्षकों की समस्याओं पर न होने की शिकायत की है।