नारनौल। इस साल अब तक ट्रेन हादसों का शिकार हुए 6 लोगों को जीते जी तो परिवार का साथ नहीं मिला, मरने के बाद भी उनके घर से कोई उनकी शिनाख्त करने के लिए भी नहीं पहुंचा। ऐसे में जीआरपी पुलिस व नगर परिषद के कर्मचारियों ने उनका विधि विधान के साथ अंतिम संस्कार करवाया।
साल 2021 में ऐसे लोगों की संख्या चार रही, 2022 में यह आंकड़ा बढ़कर 5 पर आ पहुंचा, 2023 में भी यह आंकड़ा 5 का ही रहा, जबकि इस साल अक्तूबर तक ऐसे लोगों की संख्या 6 पहुंच चुकी है। ये आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
72 घंटे किया जाता है इंतजार
एसआई महेंद्र कुमार ने बताया कि अमूमन तो मृतक की शिनाख्त हो जाती है, लेकिन जिनकी शिनाख्त नहीं होती है, उनको नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया जाता है। इसके बाद 72 घंटे तक शिनाख्त के प्रयास किए जाते हैं। इसके बाद भी पहचान नहीं हाेने की दशा में नगर परिषद के कर्मचारियों को साथ लेकर शव का अंतिम संस्कार करा दिया जाता है।
माह साल 2021 2022 2023 2024
जनवरी 00 00 02 01
फरवरी 00 00 00 01
मार्च 00 00 00 01
अप्रैल 00 00 00 01
मई 00 03 00 01
जून 00 00 01 00
जुलाई 01 00 00 00
अगस्त 00 00 00 00
सितंबर 02 01 00 00
अक्तूबर 01 00 01 01
नवंबर 00 00 01 00
दिसंबर 00 01 00 00
(कुल) (04) (05) (05) (06)
वर्जन:
आमजन से अपील है कि रेलवे ट्रेक को पार करते समय सावधानी बरतें। कानों में लीड लगी हो तो उसे निकाल कर ही ट्रैक को पार करें। ट्रेन में चढ़ते और उतरते समय विशेष ध्यान रखें और ट्रेन के रुक जाने के बाद ही उससे उतरे और चढ़ें। इस प्रकार की सावधानियों को बरतते हुए स्वयं की अनमोल जिंदगी को बचा सकते हैं।
-कैलाश चंद, चौकी इंचार्ज, जीआरपी नारनौल।