जिला मुख्यालय बचाओ संघर्ष समिति एवं हरियाणा व्यापार मंडल ने नारनौल मुख्यालय को लेकर राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव के नेतृत्व में गुरुग्राम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने समिति के सदस्यों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला मुख्यालय नारनौल में ही रहेगा। यह कही नहीं जाने वाला है। इसके लिए नारनौल के लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
हरियाणा व्यापार मंडल के जिला प्रधान बजरंग लाल अग्रवाल एवं संघर्ष समिति के प्रधान अशोक यादव ने बताया कि नारनौल का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है। जिला मुख्यालय नारनौल ही रहा है और भौगोलिक स्थिति से नांगल चौधरी, महेंद्रगढ़, अटेली से महज 15 किलोमीटर से 25 किलोमीटर की दूरी पर है। सरकार द्वारा 4 फरवरी 2021 को जारी पत्र के अनुसार 10 फरवरी से प्रत्येक मंगलवार को जिले के सभी आला अधिकारी महेंद्रगढ़ बैठकर कार्य करेंगे। यदि मंगलवार को राय मलिकपुर व बायल के किसी व्यक्ति को अफसरों से मिलना पड़ेगा तो महेंद्रगढ़ जाना होगा, जिसकी दूरी लगभग 70 किलोमीटर पड़ जाएगी। जिससे आम नागरिक और व्यापारियों को भी परेशानी होगी।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि जिला महेंद्रगढ़ स्थित नारनौल का नाम बतौर जिला नारनौल किए जाने और वर्तमान में इस जिले की भौगोलिक स्थिति से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न की जाए और उसमें कोई परिवर्तन न किया जाय। पंजाब-हरियाणा राज्यों में जब तक एक समान कोई तय मानक सरकार द्वारा निर्धारित न हो तब तक जिला न्यायालय स्तर पर विखंडन न किया जाए। नए न्यायालय की स्थापना न की जाए। संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को बताया कि नारनौल का इतिहास 400 साल पुराना है। अकबर के जमाने में नारनौल में 17 तहसील होती थीं। जिनका मुख्यालय नारनौल था। महेंद्रगढ़ तो मात्र एक उप तहसील का दर्जा प्राप्त कस्बा हुआ करता था। जिस का पुराना नाम कानोड़ था। पटियाला महाराज के बेटे नरेंद्र सिंह के पुत्र महेंद्र सिंह के नाम पर महेंद्रगढ़ में एक किले का निर्माण करवाया गया था। बाद में उसका नाम महेंद्रगढ़ कर दिया गया था तथा कालांतर में कानोड़ शहर का नाम भी महेंद्रगढ़ कर दिया गया था। मगर जिले का नाम नारनौल की जगह महेंद्रगढ़ करने का कहीं कोई गजट अधिसूचना नहीं है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि नारनौल मुख्यालय की यथा स्थिति रहेगी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का 143 करोड़ रुपये की लागत से नहरी पानी को अंतिम टेल तक पहुंचाने, कोरियावास में मेडिकल कॉलेज खोलने गांव घाटा शेर आलोट बसीरपुर में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब, तीन नेशनल हाईवे तथा नौकरियों में पारदर्शिता देने के लिए धन्यवाद किया।
मुख्यमंत्री से मिलने वालों में संघर्ष समिति के प्रधान अशोक यादव एडवोकेट, हरियाणा व्यापार मंडल के जिला प्रधान बजरंग लाल अग्रवाल, पंचायत समिति के चेयरमैन सुरेश यादव, निजामपुर पंचायत समिति चेयरमैन प्रतिनिधि जोगिंदर सिंह, करण सिंह यादव एडवोकेट, राकेश मेहता एडवोकेट, उमराव सिंह कौशिक एडवोकेट, चंद्र प्रकाश एडवोकेट, ओम प्रकाश यादव, हरियाणा व्यापार मंडल के जिला महासचिव संदीप नूनीवाला, रतन लाल गर्ग, राकेश अग्रवाल, सुभाष यादव, विजयपाल, दयानंद यादव, विजय सिंह, पवन यादव, कमल चौधरी, कमल फौजी व राजकुमार शामिल रहे।