नारनौल और महेंद्रगढ़ पर लगातार ठंड का जबरदस्त ट्रिपल अटैक देखने को मिल रहा है। कोहरा, कोल्ड डे व कोल्ड वेब लगातार अपने तीखे तेवरों से आगाज किए हुए हैं। पिछले एक महीने से दोपहर बाद सूर्य देव के दर्शन हो रहे हैं। वहीं शाम होते-होते सूर्य की धूप भी धुंधली पड़ जाती है। जिसके बाद शाम को फिर से शीतलहर अपने रंग दिखाने लग जाती है। इसके साथ रात्रि में वातावरण के ऊपरी सतह और साथ ही साथ निचले स्तर पर कोहरा की सफेद संघन परत बननी शुरू हो जाती है।
जिससे सायं 8 बजे बाद ही वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। इसके अलावा संपूर्ण इलाके में लगातार रात्रि तापमान भी लुढ़क रहा है। रात्रि तापमान लगातार एक महीने से एकल संख्या में पहुंचे हुआ है। कुछ स्थानों पर पारा लुढ़क कर हिमांक बिंदु के आसपास पहुंच रहा है। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर शीतलहर और कुछ स्थानों पर गंभीर शीतलहर अपने तीखे तेवरों से आगाज किए हुए है। नारनौल में रात्रि तापमान करीब 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ओस की बूंदों से सड़क किनारे भरा पानी
क्षेत्र में रातभर ओस की बूंद गिरने से सड़क भी गिली हो रही है। वहीं अनेक जगह पर तो सड़क किनारे बारिश की तरह पानी एकत्रित हो गया है। वहीं दुपहिया वाहन चालक भी ओस की बूंदों से भीग रहे हैं। अब तो हर कोई कहने लगा है कि इस बार शिमला जैसा मौसम बना हुआ है।
25 जनवरी को होगा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय
डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि 25 जनवरी को एक नया ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से संपूर्ण इलाके में बादलवाही देखने को मिलेगी। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से क्षेत्र में लगातार मौसम में बदलाव के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
ठंड की चरम स्थितियों के पीछे ये चार मुख्य कारण
-कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होना
-लगातार उत्तरी बर्फीली हवाओं का संपूर्ण इलाके पर आगाज
- बीच-बीच में दक्षिणी पूर्वी और दक्षिणी पश्चिमी नमी वाली हवाओं का आगाज
- उत्तर भारत में मैदानी राज्यों में समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर ऊपर 130-140 नाॅट क्रम की जेट स्ट्रीम हवाएं चलना।