नारनौल। जिले में स्वच्छता सर्वेक्षण टीम कभी भी दस्तक दे सकती है, लेकिन अभी नगर परिषद साफ-सफाई को लेकर गंभीर नहीं है। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर कितनी गंभीरता है, इसका इस बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि परिषद से करीब 100 मीटर दूर ही शौचालय की सफाई हुए महीनों बीत गए हैं। इससे शौचालय में गंदगी पसरी रहती है।
वहीं नगर परिषद अधिकारी रैंकिंग में सुधार करने की बात कह रहे हैं। पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के पास बने शौचालय में गंदगी फैली हुई है। अब इसका कोई इस्तेमाल भी नहीं कर रहा है, जबकि यह महावीर चौक से रेलवे रोड की तरफ जाने वाले मुख्य मार्ग पर बना हुआ है। वर्ष 2023 में नांगल चौधरी और महेंद्रगढ़ को छोड़कर ओडीएफ प्लस से नारनौल, कनीना व अटेली ब्लॉक शौचालयों में गंदगी की वजह से बाहर हो गए थे। वहीं नारनौल जोनल स्तर पर 96 शहरों में से 89वें स्थान पर था।
अब नगर परिषद आधी अधूरी तैयारी के बीच सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग की उम्मीद लगाए है। स्वच्छता सर्वेक्षण टीम शहर में कूड़ा संग्रहण व परिवहन, प्रसंस्करण एवं निष्पादन, खुले में शौच से मुक्त सहित कई अन्य बिंदुओं की जांच करेगी।
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इस साल 9500 अंकों का होगा स्वच्छता सर्वेक्षण
वर्ष 2024 में स्वच्छता सर्वेक्षण 9500 अंकों का है। इसके तहत अलग-अलग नंबर निर्धारित हैं। सिटीजन वाइस 2475 यानी 26 प्रतिशत का होगा। इसमें पब्लिक फीडबैक, नागरिक अनुभव, स्वच्छता एप, आपदा, महामारी और अन्य विषम परिस्थितियों में निपटने के लिए किए गए कार्यों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों की राय ली जाएगी। कूड़ा और प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा या नही, कूड़े को अलग-अलग किया गया की नहीं, जैसे मुद्दों पर जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा सर्विस लेवल के 4525 अंक यानी 48 प्रतिशत पर शहरवासियों से राय ली जाएगी। तीसरे चरण में सर्टिफिकेशन के 2500 अंक यानी 26 प्रतिशत निर्धारित किए गए हैं। इसमें ओडीएफ मुख्य रूप से शामिल रहता है।
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वर्ष 2023 में पांचों ब्लॉक का प्रदर्शन:
नारनौल ब्लॉक जोनल स्तर पर 50 हजार से आबादी वाले 96 शहरों में से 89वें स्थान पर था। वहीं राज्य में 48वें और नेशनल पर 3135 वां रैंक मिला था। नांगल चौधरी ब्लॉक 364वीं रैंक, अटेली जोनल स्तर पर 437 वें स्थान पर रहा। वहीं महेंद्रगढ़ 25 हजार से 50 हजार की आबादी वाले 199 शहरों में से 176वां स्थान पर था। इसके साथ कनीना का 437 कस्बों में से 417वां स्थान रहा।
वर्जन:
शौचालयों की मरम्मत के लिए एस्टीमेट बनाया जा रहा है। जल्द ही इसके लिए टेंडर छोड़ दिया जाएगा। इसमें सभी शौचालयों की मरम्मत की जाएगी।-दीपक गोयल, ईओ नगर परिषद