नारनौल। प्रदेश के नए पंजीकरण नियमों से पंजीकृत नहीं होने के बाद भी शहर की वर्षों पुरानी महर्षि वाल्मीकि सभा में दो गुट बने हुए हैं। हालांकि फर्म एवं सोसाइटी की ओर से सभा के पूर्व प्रधान और महासचिव को पत्र मिला है। इसमें सभा के मूल रिकार्ड को फर्म एवं सोसायटी कार्यालय में मंगाया गया है। वहीं रविवार को एक गुट ने इस पत्र के मिलने के बाद भी चुनाव की तिथि घोषित कर दी, जबकि दूसरे गुट ने इसका विरोध जताया तथा पहले वाल्मीकि जयंती मनाने तथा बाद में पंजीकरण कराने की मांग की।
महर्षि वाल्मीकि सभा में रविवार को आम सभा की बैठक हुई। इसमें जमकर हंगामा हुआ। बैठक रविवार को पूर्व प्रधान मुकेश चांवरिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में एक गुट के लोगों का कहना था कि रजिस्ट्रार नारनौल के माध्यम से प्राप्त पत्र के आधार पर 18 सितंबर को आम सहमति से चुनाव करवाएं जाएंगे। इस गुट में सुरेश पंवार, बलवंत, धर्मेंद्र, सुभाषचंद्र, शिवकुमार, मुकेश कुमार, विकास, विजय कुमार, गौतम, भीमसिंह, रोहताश, ललित कुमार, देवेंद्र, अरुण, धीरज कुमार व राजू आदि उपस्थित थे।
वहीं दूसरे गुट ने बताया कि जिला रजिस्ट्रार फर्मज एवं सोसायटीज नारनौल के पत्र क्रमांक डीआरएफएस, डीआईसी-1469 के आधार पर गत 22 अगस्त को मुकेश चांवरिया पूर्व प्रधान महर्षि वाल्मीकि सभा नारनौल एवं सुरेश पंवार पूर्व सचिव ने वाल्मीकि समाज की एक बैठक बुलाई। बैठक में महर्षि वाल्मीकि सभा नारनौल के चुनाव करवाने के बारे में विचार-विमर्श किया गया। बैठक में उपस्थित समाज के लोगों ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि सभा नारनौल का रजिस्ट्रेशन हरियाणा सोसायटी पंजीकरण-अधिनियम 2012 के अंतर्गत पुन: करवाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज की सहमति के अनुसार महर्षि वाल्मीकि सभा नारनौल का संविधान संशोधन होना आवश्यक है। बैठक को संबोधित करते हुए मुकेश चांवरिया ने कहा कि इन सभी कार्य में समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जयंती का पर्व सबसे पहले प्राथमिकता रखता है। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जयंती का पर्व पहले मनाए जाएं। इसके तुरंत ही हरियाणा सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 2012 के अंतर्गत हरियाणा सरकार की हिदायतों के अनुसार महर्षि वाल्मीकि सभा नारनौल के चुनाव करवाए जाए। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि जयंती से पहले चुनाव करवाने से समाज के लोग सहमत नही है। दूसरे गुट में पूर्व प्रधान जोगेंद्र सिंह जैदिया, संजय अमन, महेंद्र बोयत, संजय कुमार, कुलदीप वाल्मीकि, रमेश कुमार, राधेश्याम व अशोक कुमार सहित समाज के अनेक लोग उपस्थित थे।