नारनौल। नारनौल-फुलेरा रेलमार्ग का जल्द दोहरीकरण किया जाएगा। इसके लिए डीपीआर बनाकर रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। इस प्रोजेक्ट की मंजूरी के बाद नारनौल रूट के लिए एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन बढ़ने के साथ नई ट्रेनें चलने की भी संभावना बढ़ जाएगी।
फिलहाल इस रेलमार्ग का दोहरीकरण नहीं होने से इस पर चलने वाली ट्रेनों की संख्या भी सीमित है। साथ ही अधिकतर ट्रेनों का संचालन दिल्ली-रेवाड़ी-अलवर रूट से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त काठूवास-अटेली, कुंड काठूवास और मनहेरु-भिवानी रेल खंड के दोहरीकरण का कार्य भी शीघ्र पूरा होने की संभावना है।
मारवाड़ बाइपास लाइन, सवाई माधोपुर बाइपास लाइन तथा पुष्कर-मेड़ता नई लाइन की भी स्वीकृति इस वर्ष प्राप्त हो चुकी है। बता दें कि उत्तर पश्चिम रेलवे पर नई लाइन, गेज परिवर्तन, रेल मार्ग के दोहरीकरण व विद्युतीकरण, रेलवे ओवर/अंडरपास आदि परियोजनाओं तथा रेल यातायात के सुधार पर तेजी से काम किया जा रहा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे पर लगभग 21000 करोड़ रुपये की लागत से 808 किलोमीटर दोहरीकरण एवं 555 किलोमीटर नई लाइन के कार्य स्वीकृत है, जिन पर तेज गति से कार्य किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 70 किलोमीटर नई लाइन व दोहरीकरण तथा गेज परिवर्तन के कार्य पूरे किए गए हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ के नेतृत्व में वर्ष 2024-25 में उत्तर पश्चिम रेलवे पर 351 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण हुआ। इसके साथ ही कुल 5466 रूट किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण उत्तर पश्चिम रेलवे पर किया जा चुका है। सूरतगढ़ थर्मल प्लांट के यार्ड में 14.49 किलोमीटर की नई लाइन का कार्य सफलतापूर्वक किया गया।
जयपुर से लगभग 70 किलोमीटर दूर गुढा-ठठाना मिठडी के बीच लगभग 967 करोड़ की लागत से बन रहे 64 किलोमीटर लंबे आरडीएसओ डेडिकेटेड टेस्ट ट्रैक का लगभग 47 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। यह कार्य दिसंबर 2025 तक पूर्ण होने की संभावना है। साथ ही इस वित्तीय वर्ष में 103 बड़े एवं छोटे पूलों का कार्य पूर्ण किया गया तथा 7 रोड ओवर ब्रिज और 39 रोड अंडर ब्रिज बनाए गए हैं। जिस कारण 25 लेवल क्रॉसिंग को बंद किया गया है।
वर्जन:
नारनौल-फुलेरा रेलमार्ग का जल्द ही दोहरीकरण किया जाएगा। इसके लिए डीपीआर भी बनाकर रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे पर लगभग 21000 करोड़ रुपये की लागत से 808 किलोमीटर दोहरीकरण और 555 किलोमीटर नई लाइन के कार्य स्वीकृत हैं, जिन पर तेज गति से कार्य किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 70 किलोमीटर नई लाइन व दोहरीकरण तथा गेज परिवर्तन के कार्य पूरे किए गए हैं।-शशि किरण, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर पश्चिम रेलवे