महेंद्रगढ़ के गांव बिहाली के ग्रामीणों ने गांव में हुई गोली कांड व डकैती के मामले को लेकर गांव के बस स्टैंड के समीप सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान नायब तहसीलदार धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणाें की मांग सुनी। उपायुक्त के जल्द कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना स्थगित कर दिया और कार्रवाई के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया। उधर धरने पर बैठे ग्रामीणों के समर्थन के लिए पूर्व विधायक नरेश यादव भी मौके पर पहुंचे।
ग्रामीण संघर्ष समिति के बैनर तले बुधवार को ग्रामीणों द्वारा दिए गए धरने पर प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार महेन्द्र सिंह ने ग्रामीणों की बात शांतिपूर्वक सुनी। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में हथियार के बल पर की गई लूटपाट व मारपीट को 60 घंटे से अधिक समय बीत गया लेकिन हमलावर अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उनको तुरंत प्रभाव से गिरफ्तार करे। दूसरी ओर हमलावरों की गोली के शिकार हुए पीड़ित जिंदगी और मौत से जूझ रहे है। जिनकी माली हालत कमजोर होने के कारण ठीक रूप से इलाज नहीं होने का भय सता रहा है ऐसे में उपचार के लिए आर्थिक सहायता या सरकारी तौर पर इलाज कराया जाए। इसके अलावा गांव से बाहर ट्यूबवेलों पर रहने वाले पूर्व सैनिकों के आर्मड के लाइसेंस बनाये जाए। इस संबंध में ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार को प्रशासन के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। नायब तहसीलदार ने पीड़ित परिवार की और ध्यान देते हुए प्रशासन के अधिकारियों से बात की। वहीं पूर्व विधायक नरेश यादव से भी बात कराकर उपचार के लिए राशि मुहैया करने का आश्वासन दिया।
यादव की उपायुक्त से दूरभाष पर हुई बातचीत में उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि इलाज के लिए किसी भी तरह की आर्थिक तंगी आड़े नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए उन्होंने गांव की एक कमेटी को तुरंत प्रभाव से कार्यालय में बुलाने का कार्य किया। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस बात से संतुष्ट होकर धरने को विराम दे दिया लेकिन यह भी ऐलान किया है कि अगर तीन दिन के अंदर हमलावरों को नहीं पकड़े गए तो वह महापंचायत बुलाकर आगामी रणनीति बनाने को मजबूर होंगे। उल्लेखनीय है कि गत रविवार देर रात लगभग एक दर्जन के करीब अज्ञात हमलावरों ने गांव बिहाली की सीमा से सटे एक किसान के परिवार पर हथियार के बल पर ताबड़तोड़ हमला कर आभूषण व नकदी चुराकर ले गए थे। इस हमले में युवक मनोज व उसकी मां सविता गोली के शिकार हो गए जो रेवाड़ी के निजी अस्पताल में उपचाराधीन है वहीं सुरेश व उसकी पत्नी बिमला पर डंडो व लाठी से ताबड़तोड़ हमला किया गया जिससे वह भी उपचाराधीन है।