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एक एटीएम के सहारे एक लाख लोग

Mon, 12 Dec 2016 10:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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file image - फोटो : अमर उजाला
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नारनौल में नोटबंदी के बाद से लोगों में कैश के लिए मारामारी है। कैश के लिए लोग अपना सब कुछ छोड़ कर बैंकों व एटीएम के बाहर लगे हुए हैं। पैसों के लिए लोग घंटों लाइन में खड़े हो रहे हैं। जिसके बाद उनको केवल दो हजार रुपये का एक  नोट ही नसीब हो रहा है। तीन दिन तक बैंकों में अवकाश रहने के कारण हालत  ज्यादा खराब हो गई। दो दिन से शहर में केवल एक विजया बैंक का एटीएम ही खुल  रहा है। ऐसे में तीन दिन से नारनौल शहर के करीब एक लाख लोग इसी एटीएम के सहारे हैं।
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तीन दिन से बैंक बंद हैं। ऐसे में लोगों को पैसे की जरूरत  भी बहुत हो रही है, मगर बैंक बंद होने के कारण लोगों को कैश नहीं मिल पा  रहा। बैंकों के साथ-साथ एटीएम भी शोपीस बने हुए खड़े हैं। इससे लोगों की  परेशानी ज्यादा बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि अगर एटीएम चले तो बैंक बंद होने पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। शनिवार से बंद बैंकों के कारण लोगों का हाल बेहाल है। अभी शादी ब्याह का सीजन चल रहा है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी शादी वाले घरों में हो रही है।

एक ही एटीएम खुल रहा दो दिन से
क्षेत्र  में स्थित विभिन्न बैंकों के कम से कम 72 एटीएम बूथ हैं। जिनमें से दो दिन  से केवल एक ही एटीएम खुल रहा है। महेंद्रगढ़ रोड स्थित विजया बैंक के  एटीएम पर रोज कैश डाला जा रहा है। बैंक के प्रबंधक ईश्वर सिंह के अनुसार  लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनके बैंक के एटीएम पर रोज कैश  डाला जाता है। रविवार व सोमवार को अवकाश के बावजूद भी उन्होंने एटीएम पर  कैश डलवाया, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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बंद एटीएम के बाहर ही लगी लाइन
विजया  बैंक का एटीएम सुबह करीब 12 बजे खुला था, मगर इस बैंक के बाहर स्थित एटीएम  बूथ पर सुबह छह बजे से ही लोगों की लाइनें लगनी शुरू हो गई थी। सुबह से  लोग लाइन में लगकर दो हजार रुपये निकालने का इंतजार कर रहे थे।

बंद पड़े बैंक, लोग हो रहे परेशानी
तीन  दिवसीय राजपत्रित अवकाश के कारण बैंक सोमवार को भी बंद रहे। जिसके चलते  लोग काफी परेशान नजर आए। राकेश गर्ग, अनूप यादव, अशोक सैनी, नरेंद्र वर्मा,  राजेश कुमार, प्रदीप यादव, कालूराम आदि का कहना है कि प्रधानमंत्री जी ने  घोषणा की थी कि 50 दिन दे तो, मगर अवकाश के ही 15 दिन हो गए। ऐसे में लोगों  को तो केवल 35 दिन ही मिले।
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