नारनौल में प्रदेश सरकार द्वारा एनएचएम कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर उन्हेंआउटसोर्सिंग के तहत करने के विरोध स्वरूप एनएचएम एसोसिएशन के आह्वान पर कर्मचारियों ने मंगलवार को एसोसिएशन के प्रधान हरकेश की अध्यक्षता में नागरिक अस्पताल में धरना दिया। उक्त धरने में जिले से एनएचएम के तहत आने वाले चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, आशा कोरडिनेटरस, जांच एवं मूल्यांकन अधिकारी, लेखा सहायक, कंप्यूटर सहायक, सूचना सहायक, सचिविय सहायक, डाटा मैनेजर, डाटा इंट्री आपरेटर, कांउसलर, कोरडीनेटर, स्टाफ नर्स, एएनएम, प्रयोगशाला तकनीशियन, यशोदा, औषधाकारक, चालक, एंबुलेंस चालक आदि पदों पर कार्यरत कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान जिले की सभी एंबुलेंस, एसएनसीयू वार्ड, प्रसुति वार्ड, सामान्य वार्ड के कर्मचारियों ने भी कार्य नहीं किया।
धरने को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के प्रधान हरकेश ने कहा कि सरकार का कार्य युवाओं को रोजगार प्रदान करना होता है, लेकिन प्रदेश सरकार ने एनएचएम कर्मचारियों को राजनीतिक दुर्भावना का शिकार करते हुए 1200 कर्मचारियों का रोजगार छिना जा चुका है और बजट की कमी की आड़ में रेशनेलाइजेशन के बहाने 20 प्रतिशत या इससे ऊपर छंटनी करने की तैयारी की जा रही है। जिला सचिव कृृृष्ण कुमार ने सरकार की रेगुलाइजेशन पॉलिसी में एनएचएम कर्मचारियों को शामिल करे तब तक समान कार्य व समान वेतन देने, रेशनेलाइजेशन पॉलिसी के तहत कर्मचारियों को नौकरी से न निकाले तथा निकाले गए कर्मचारियों को तुरंत वापस लेने, एनएचएम कर्मचारियों की सेवाएं आउटसोर्सिंग के तहत नहीं करने तथा सभी कर्मचारियों को माह की पहली तारीख को वेतन देने की मांग पर तुरंत विचार कर उनकी मांगों को पूरा करे सरकार, अन्यथा कर्मचारियों को सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस मौके पर कर्मचारी नेता घनश्याम शर्मा, उप प्रधान डा. पुष्पेंद्र, संदीप यादव, दिलबाग सिंह, विनोद राव, कमलेश, सुशीला आदि सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित थे।