नांगल चौधरी में दौंखेरा की माइंस में पत्थर खिसकने से शुक्रवार को दो मजदूरों की मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद घटना स्थल पहुंचे थाना प्रभारी शफीउद्दीन ने हादसे का जायजा लिया। माइंस इंचार्ज से पूछताछ करने के बाद मृतकों का पोस्टमार्टम करवाने नारनौल रवाना हो गए।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे दौंखेरा खदान में पोपलैंड द्वारा ड्रिलिंग हो रही थी। एक कर्मचारी ड्रिलिंग मशीन को आपरेट कर रहा था तथा दो अन्य मजदूर पोपलैंड का रास्ता बना रहे थे। जमीन वाइब्रेट होने के कारण पत्थर खिसकने शुरू हो गए। इस दौरान खदान में काम कर रहे दो मजदूर मलबे नीचे दब गए। पत्थर खिसकने की आवाज सुनकर सैकड़ों मजदूर घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। उन्होंने तुरंत मुनीम को सूचना दी और जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। दोनों मजदूरों को जीवित बाहर निकाला गया, लेकिन उनके शारीरिक अंग कुचल चुके थे। मुनीम द्वारा निजी वाहन में घायलों को बहरोड़ की कैलाश अस्पताल में पहुंचाया। वहां उपचार के दौरान घायल संजय व अरुण की मौत हो गई। हादसे कर सूचना मिलने पर सरपंच मदनलाल व अन्य सैकड़ों ग्रामीण माइंस पर पहुंच गए। उन्होंने हादसे की जानकारी पुलिस में दर्ज करवाई। इसके बाद थाना प्रभारी दलबल सहित घटना स्थल जायजा लिया। इधर बहरोड़ अस्पताल में घायलों का बयान दर्ज करने उप निरीक्षक को भेजा गया। लेकिन उनके पहुंचने से पहले दोनों पीड़ित दम तोड़ चुके थे। अस्पताल प्रशासन द्वारा डिस्चार्ज करने के बाद शव को सामान्य अस्पताल नारनौल लाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश होने के कारण खदान में दलदल की स्थिति से है। ड्रिलिंग के दौरान पत्थरों ने जगह छोड़ दी। परिणाम स्वरूप भारी पत्थर फिसलने शुरू हो गए।
परिजनों का बयान लेने के बाद होगा केस दर्ज
घटना स्थल पहुंचे थाना प्रभारी शफीउद्दीन ने खदान मुनीम से हादसे की जानकारी ली। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद पोस्टमार्टम करवाने नारनौल रवाना हो गए। उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जिनके मुताबिक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।