नांगल चौधरी में जाट आरक्षण की मांग को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। आठ दिन बीतने के बावजूद समाधान की प्रक्रिया आरंभ नहीं हुई। मजबूरन धरनों की संख्या बढ़ानी पड़ेगी।
उक्त विचार जाट आरक्षण समिति के राष्ट्रीय सचिव हजारीलाल लंबोरा ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आरक्षण समिति के आह्वान पर जाट बिरादरी ने 29 जनवरी को धरना आरंभ किया था। तब से लगातार धरना जारी है। पूरे प्रदेश में अलग-अलग जगह धरने दिए जा रहे हैं, मगर इसके बावजूद सरकार जाट समुदाय के लोगों की मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। शनिवार को राष्ट्रीय प्रधान यशपाल मलिक के नांगल चौधरी पहुंचने का कार्यक्रम था, जिसकी भनक लगते ही धरना स्थल पर भीड़ एकत्रित हो गई। रविवार को करीब 30-35 लोग धरना-स्थल पर रहे। लोगों ने सरकार विरोधी तथा जाट एकता के नारे लगाए। राष्ट्रीय सचिव ने कहा कि इतिहास गवाह है, देशहित में जाटों का योगदान हमेशा अतुलनीय रहा है। बावजूद इसके आज तक जाटा समाज की अनदेखी होती रही है। अब भी सरकार जाटों की अनदेखी कर रही है। लंबोरा ने कहा कि अगर सरकार जल्द जाट समुदाय की मांगों को पूरा नहीं करती है तो समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक के निर्देशानुसार जल्द ही धरनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
शांति व्यवस्था कायम रखना प्राथमिकता
एसएचओ शफीउद्दीन ने बताया कि जाट आरक्षण के धरने को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट है। थाने में पुलिस फोर्स की संख्या बढ़ा दी गई है। हुड़दंग की शिकायत पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।