नांगल चौधरी। ओवर लोड डंपरों से परेशान शहबाजपुर के ग्रामीणों ने मंगलवार की देर रात करीब आठ बजे नांगल चौधरी-पाटन सड़क मार्ग जाम कर विरोध जताया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारी भेजने का तर्क देकर जाम नहीं खोला। बुधवार की सुबह करीब 10 बजे बीडीपीओ दीपक यादव, पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने 20 दिन में जर्जर सड़क के निर्माण का भरोसा देकर यातायात मार्ग बहाल कराया।
ग्रामीणों ने बताया कि नांगल चौधरी-पाटन सड़क मार्ग से हरियाणा व राजस्थान के सैकड़ों गांवों को यातायात सुविधा मिल रही है। इस पर बस और हलके वाहन चलने की अनुमति है। किंतु पिछले कई सालों से ओवर लोड डंपर पत्थर ढोने में जुटे हैं। रोजाना सैकड़ों डंपर राजस्थान की पहाड़ियों से पत्थर भरकर धोलेड़ा क्रेशर जोन पहुंचते हैं। इन वाहनों का पिछला हिस्सा लेवल से अधिक ऊंचाई के पत्थर साइड लेने के दौरान गिरने की संभावना रहती है। समस्या से प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया। किंतु समाधान नहीं होने के कारण ग्रामीणों को गुस्सा उबाल खा गया तथा सड़क को जाम कर दिया। आक्रोशित ग्रामीण करीब एक घंटे नारेबाजी करते रहे। इसके बाद पुलिस 9 बजे नांगल चौधरी जाम स्थल पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, किंतु ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारी बुलाने की मांग पर अड़ गए। रातभर सड़क जाम रही, इसके बाद बुधवार को 10 बजे बीडीपीओ और सपीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी शहबाजपुर पहुंचे। बीडीपीओ ने जिला उपायुक्त को अवगत करवाकर जल्द समाधान करवाने का भरोसा दिया। इससे संतुष्ट ग्रामीणों ने 10.30 बजे यातायात मार्ग बहाल कर दिया। विभाग को 20 दिन में निर्माण प्रक्रिया शुरू करनी होगी। अन्यथा दुबारा सड़क जाम की रूपरेखा बनाई जाएगी।
बाइपास सड़क का निर्माण करवाए प्रशासन
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के दोनों तरफ घनी आबादी हो गई। हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है। पिछले साल एक डंपर आवासीय मकान में घुस गया था। पत्थरों की रुकावट होने से जानलेवा हादसा टल गया था। उन्होंने बाइपास सड़क निर्माण करवाने के लिए बीडीपीओ को ज्ञापन सौंपा है ताकि ग्रामीणों को असुविधा नहीं रहे।
एक महीने में हो जाएगा निर्माण शुरू
पीडब्लूडी विभाग के एसडीओ सज्जन सिंह ने बताया कि शहबाजपुर सड़क निर्माण का एस्टिमेट उच्चाधिकाधिरयों को भेज दिया गया। टेंडर स्वीकृत होने के तुरंत बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू करवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ओवर लोड डंपरों से सड़क क्षतिग्रस्त हुई है।