नारनौल। माधोगढ़ के ऐतिहासिक किले को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने से पहले महेंद्रगढ़-सतनाली रोड से इस किले तक का लिंक रोड बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़क शाखा) जल्द से जल्द सभी प्रकार की कागजी कार्यवाही पूरी करके इस काम को अंजाम दे। राज्य सरकार का इस प्रोजेक्ट पर विशेष फोकस है। ये निर्देश उपायुक्त राजनारायण कौशिक ने आज अपने कार्यालय में इस संबंध में बुलाई बीएंडआर व वन विभाग अधिकारियों की बैठक में दिए।
डीसी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने महेंद्रगढ़ रैली के दौरान 50 करोड़ रुपये से इसे पर्यटक स्थल के तौर पर विकसित करने की घोषणा की थी। इस काम में संबंधित विभाग तेजी लाए। सबसे पहले इस पर्यटक स्थल तक पहुंचने के लिए लिंक रोड का निर्माण किया जाए। बीएंडआर के एक्सइएन ने बैठक में बताया कि सतनाली-महेंद्रगढ़ रोड से माधोगढ़ किला तथा इसी रोड से बलाना में स्थित बाबा रामफल दास मंदिर तक दो लिंक रोड बनने हैं।
यह क्षेत्र अरावली में आता है इसके लिए मंजूरी लेनी होगी। इस संबंध में जल्द ही विभाग सुप्रीम कोर्ट से अपनी गुहार लगाएगा ताकि इस संबंध में जल्द से जल्द मंजूरी मिल सके। इस पर उपायुक्त ने कहा कि इसी सप्ताह के अंदर-अंदर यह कार्यवाही पूरी करें। इस बैठक में वन विभाग के रेंज आफिसर व बीएंडआर के एक्सईएन एमएस सांगवान के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।
बॉक्स
हो चुकी है फिल्मों की शूटिंग
नारनौल। अपने प्राकृतिक सौंदर्य के कारण माधोगढ़ की इस घाटी में कई हरियाणवी फिल्में व हिन्दी धारावाहिकों की शूटिंग हो चुकी हैं। सवाई माधो सिंह की यादों को समेटे माधोगढ़ के किले व यहां की पहाड़ियों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर देने से न केवल यह हरियाणा का गौरव बन सकता है बल्कि यहां के युवाओं को रोजगार व विकास के लिए नए-नए अवसर उपलब्ध होंगे।
ऐतिहासिक धरोहर दर्शनीय
नारनौल। माधोगढ़ की पहाड़ियों के बीच ही बाबा गुदडिय़ा का मंदिर भी है। पहाड़ों के मध्य एक प्राचीन तालाब है तथा विशाल पत्थरों के साथ-साथ बालू मिट्टी के टीले हैं। यहां उपजे पेड़ पौधों व राज्य के वन विभाग द्वारा लगवाए गए पौधों के कारण यहां गजब की प्राकृतिक सुन्दरता बिखरी हुई है। यहां से गुजरने वाले हजारों राहगीर घाटी के प्राकृतिक सौन्दर्य को निहारते रह जाते हैं।