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गुप्तचर विभाग ने पकड़ा 80 किलो पनीर, 1 क्विंटल दही

Wed, 19 Oct 2016 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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Dahi
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महेंद्रगढ़। ओवर ब्रिज के पास रेवाड़ी टी-प्वाइंट पर बुधवार को गुप्तचर विभाग एवं फूड एंड एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीआई) विभाग ने शक के आधार पर हजारों रुपये के दूध से निर्मित उत्पाद (पनीर, मक्खन, दही) पकड़े हैं। एफडीआई विभाग ने सभी पदार्थों के सैंपल लेकर फूड सिक्योरिटी लैब करनाल भेज दिया है। जांच आने के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी। दीपावली को लेकर जिले में हलवाई मिठाईयों में जमकर मिलावट कर रहे हैं। इसी को लेकर गुप्तचर विभाग एवं फूड स्फेटी विभाग अलर्ट हो गया है। पिछले दो दिनों में जिले में छह से सात जगहों पर छापामारी कर चुके हैं और उनके सैंपल लेकर लैब भेज जा चुके हैं।
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 रेवाड़ी टी-प्वाइंट पर एक पिकअप में भारी मात्रा में दूध, दही एवं मक्खन आइस बाक्स में भरा हुआ था। गुप्तचर विभाग को गुप्त सूत्रों से पता चला कि रेवाड़ी टी प्वाइंट पर तीन लोगों ने एक पिकअप में भारी मात्रा में पनीर, दही एवं मक्खन भर रखा है जिसे ये तीनों व्यक्ति बेचने के फिराक में हैं। गुप्तचर विभाग से मनोज कुुमार एवं सतीश बालरोडिया ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पिकअप चालक एवं उसके सहयोगी से पूछताछ की। इनमें से मुख्य आरोपी अनिल कुमार गांव बूढवाल जिला रेेवाड़ी, तथा उसके दो सहयोगी थे। एक सहयोगी आरोपी के गांव का ही था, दूसरा मुंडावर तहसील के गांव श्योपुर से था। इसी दौरान गुप्तचर विभाग से मनोज कुमार  ने  एफडीआई विभाग को  सूचित कर दिया। विभाग से इंसपेक्टर जितेंद्र यादव ने मौके पर  पहुंचकर गाड़ी को कब्जे में लिया। गाड़ी में 80 किलो पनीर, 7.50  किलो मक्खन  तथा 1 क्विंटल दही था। सभी पदार्थों का टीम ने सैंपल लेकर लैब में भेज दिए  हैं। 45 दिनों के बाद सैंपल की जांच आने पर ही कोई कार्रवाई होगी। फिलहाल पकड़े गए आरोपियों को माल सहित छोड़ दिया गया है।

ये हैं सजा का प्रावधान
अगर डिब्बे या किसी बाक्स में लेबल के अनुसार उत्पाद नहीं है तो वह मिस ब्रांडिड माना जाता है। इसके लिए दुकानदार पर 3 लाख रुपये तक का जुर्माना कर सकता है। इसके अलाव अगर पदार्थ में मिलावट की गई है यानी शुद्ध नहीं है तो उसके लिए 5 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है। इसके अतिरिक्त दुकानदार असुरक्षित खाद्य उत्पाद जो खाने योग्य नहीं है, वो बेचता पाया गया तो उसके लिए 2 साल की सजा का प्रावधान है।
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48 घंटे में हो जाता है खराब
अगर पनीर का रख रखाव ठीक तरीके से न हो तो वह 48 घंटे में ही खराब हो जाता है। पनीर में दुर्गंध एवं खटास आ जाती है वो खाने योग्य नहीं रहता है और इसे फ्रिज में रखने से यह 8 से 10 दिन तक चल सकता है।

पिछले दो दिनों में मारे छह जगहों से लिए सैंपल
फूड सेफ्टी इंसपेक्टर जितेंद्र यादव ने बताया कि पिछले दो दिनों में जिले में छह जगहों से सैंपल लिए गए हैं। इनमें से नारनौल से खादीपुरी की एक दुकान से क्रीम का, मंढाना गांव में एक डेयरी से घी तथा दुकान से चीनी, महावीर चौक नारनौल पर स्थित एक दुकान से खोए तथा दूसरी दुकान से काजू की बरफी का सैंपल लिया है। इसके अलावा मानक चौक नारनौल पर स्थित हलवाई की दुकान से चीनी का सैंपल लिया गया है। सभी सैंपल करनाल फूड सेफ्टी लैब में भेज दिए हैं। रिपोर्ट फेल आने पर फूड सेफ्टी एक्ट 2006 के अनुसार आरोपी के खिलाफ   कार्रवाई की जाएगी।

मात्र 20 दुकानों का है रजिस्ट्रेशन
जिले में सैकड़ों हलवाई की दुकान बिना रजिस्ट्रेशन एवं लाइसेंस के चल रही हैं। इंसपेक्टर यादव के अनुसार जिले में मात्र 20 दुकानों का रजिस्ट्रेशन हो रखा है जबकि 10-12 दुकानों के लाइसेंस बने हुए हैं। उन्होंने बताया 2006  फूड सेफ्टी एक्ट के अनुसार बिना लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन के हलवाई की दुकान  नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि वो इसके लिए एक महीने पहले नारनौल के हलवाइयों की मीटिंग भी ले चुके हैं। उस दौरान भी उन्होंने हलवाइयों को  लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए प्रेरित किया था।

ये चाहिए दस्तावेज
अगर किसी हलवाई का वर्ष में 12 लाख रुपये से अधिक टर्न ओवर है तो उसके लिए दुकान का रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। अगर 12 लाख से कम है तो लाइसेंस बनवाना पड़ता है। इसके लिए संबंधित विभाग में फाइल लगानी पड़ती है जिसके लिए संपति का किराया नामा की कॉपी, बिजली बिल, नक्शा, डिक्लेरेशन आदि दस्तावेज की आवश्यकता होती है। अगर उत्पादन करने वाली कंपनी है तो उसके लिए निदेशक की लिस्ट और आईडी, फर्म है तो पार्टनशिप की लिस्ट एवं एफिडेविट की आवश्यकता है।


फूड सेफ्टी इंसपेक्टर जितेंद्र यादव ने बताया कि रेवाड़ी टी-प्वाइंट से एक पिकअप से शक के आधार पर 80 किलो पनीर, 7.50 किलो मक्खन तथा 1 क्विंटल दही बरामद किया था। तीनों  ही दूध से निर्मित वस्तुओं के सैंपल लेकर करनाल लैब में भेज दिए गए हैं। जांच आने के बाद ही आगामी की कार्रवाई की जाएगी।
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