महेंद्रगढ़ के गांव बाघोत स्थित बाघेश्वर मंदिर सामने बने तालाब में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। युवक अपने दोस्तों के साथ रविवार रात तालाब में नहाने गया था। प्रशासन फायर बिग्रेड और गोताखोरों की मदद से 14 घंटे बाद युवक का शव निकाला। उधर इस हादसे के लिए पूर्व सीपीएस ने प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
जानकारी के मुताबिक 22 वर्षीय युवक पीकेस अपने दोस्तों के साथ तालाब में रविवार रात को नहाने गया था। इसी दौरान वह तालाब में डूब गया। उसके दोस्त प्रवीन और संदीप ने सोमवार सुबह छह बजे डीएसपी महेश कुमार शर्मा को सूचना दी कि रविवार करीब 11 बजे वे जोहड़ में नहाने के लिए गए थे। इस दौरान पीकेस तालाब से बाहर नहीं निकल सका है उसके कपड़े व मोबाइल बाहर ही रखे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस प्रशासन ने फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों व ग्रामीणों की मदद से डूबे युवक की तलाश शुरू की लेकिन उनके सभी प्रयास विफल रहे। बाद में इस घटना की जानकारी नायब तहसीलदार रमेश चंद ने जिला उपायुक्त संजीव वर्मा को दी । उन्होंने रेवाड़ी से गोताखोर को बुलाया। गोताखोर सुरेंद्र सिंह 20 मिनट की मशक्कत में दोपहर 12 बजे रात के समय पानी में डूबे युवक पीकेश के शव को ढूंढ निकाल लाया। हनुमान वासी सुदंरह के बयान पर पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया।
पूर्व सीपीएस ने प्रशासन को घेरा
पूर्व सीपीएस अनिता यादव ने भी प्रशासन पर जलाशय में डूबे युवक को लम्बे समय बाद तक नहीं निकाल पाने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि एसडीएम पिछले दिनों से गायब हैं। क्षेत्र का सबसे बड़ा मेला होने के बावजूद एसडीएम का ड्यूटी पर नहीं होना लापरवाही को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013-14 में बागोत में इस जलाशय पर अति आधुनिक स्नान घर बनवाने के लिए उनकी सरकार ने 25 लाख रुपये की रशि स्वीकृत की थी। लेकिन वह राशि आज तक नहीं लग पाई। यदि उक्त राशि लगकर स्नानघर बन गए होते तो पीकेस की मौत नहीं हो पाती।