नारनौल के राजकीय महिला व पीजी कालेज में स्नातक कक्षाओं की पहली कट लिस्ट के लिए दाखिले की फीस जमा करवाने के अंतिम दिन काफी मारामारी रही। हालात ये रहे कि बैंकों में लगी भीड़ और गर्मी के चलते कुछ छात्राएं बेहोश तक हो गई। अंतिम दिन होने के कारण बैंकों को फीस जमा कराने पहुंची विद्यार्थियों को भीड़ को संभालने में बैंक कर्मियों के भी पसीने छूट गए। बैंकों को व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तक की मदद लेनी पड़ी।
पहली मेरिट सूची में आने वाले विद्यार्थियों को शुक्रवार सायं तक फीस जमा करवानी थी, जिसके चलते नारनौल स्थित स्टेट बैंक आफ पटियाला की दोनों शाखाओं में विद्यार्थियों की भारी भीड़ लगी रही है। विशेषकर स्टेट बैंक आफ पटियाला की मंडी शाखा में फीस जमा करवाने वाले विद्यार्थियों की मारामारी रही। मंडी शाखा में विद्यार्थियों की भारी भीड़ को देखकर बैंक प्रबंधक ने अपने पूरे स्टाफ को फीस जमा करने के लिए लगा दिया, बावजूद इसके बैंक में भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही थी। जिस कारण स्वयं बैंक प्रबंधक अपने कमरे से बाहर निकलकर विद्यार्थियों की भाग दौड़ शुरू कर दी, लेकिन भीड़ इतनी अधिक थी कि काबू से बाहर हो रही थी, जिस कारण बैंक प्रबंधक को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस के पहुुंचने के बाद स्थिति कुछ काबू में आई और धीरे-धीरे व्यवस्था पटरी पर लौटी।
फीस जमा करवाने पहुंची कई छात्राएं हुई बेहोश
पीजी व महिला कालेज मंडी शाखा के नजदीक होने के कारण बैंक खुलने से पहले ही काफी संख्या में विद्यार्थियों भीड़ गई। बैंक के खुलते ही सभी विद्यार्थी फीस जमा करवाने के लिए एक साथ बैंक में जा घुसे। जिस कारण बैंक के अंदर भारी उमस व गर्मी हो गई। इससे कई छात्राएं बेहोश हो गई। जिन्हेें बैंक प्रबंधक ने अपने कमरे में पंखे व एसी की नीचे बैठाया और स्वयं उनके चालान व फीस लेकर जमा करवाने पहुंच गए।
बैंक का अन्य काम हुए ठप
फीस जमा करवाने की अंतिम तारीख होने के कारण बैंक में विद्यार्थियों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रबंधक ने बैंक के समस्त स्टाफ को फीस जमा करवाने में लगा दिया। ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़ा व कोई विद्यार्थी दाखिले से वंचित न रह जाए। इस कारण बैंक के अन्य जरूरी कार्य भी नहीं हो पाए। वहीं बैंक में अन्य किसी कार्य से आने वाले उपभोक्ताओं को भी वापस लौटना पड़ा।
विभाग के आदेश पर कॉलेज में हुई फीस जमा
प्रथम मेरिट सूची में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को कालेज में दाखिले के लिए फीस जमा करवाने का अंतिम दिन होने के कारण उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी कालेजों को कालेजों में ही फीस जमा करवाने के आदेश जारी किए। इस आदेश के मुताबिक फीस जमा करवाने की अंतिम तारीख होने के कारण 12 बजे बाद चालान बनवाने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि चालान को जनरेट होने में कम से कम दो घंटे तक समय लगता है और बैंक में दो बजे के बाद फीस जमा करवाना मुश्किल होगा। इसलिए सभी कालेज में संस्थान में ही आफ लाइन फीस जमा करने के लिए फीस काउंटर का प्रबंधक करे, ताकि विद्यार्थियों की समय पर फीस जमा हो सके। कॉलेजों ने इस आदेश को नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा दिया गया और साथ ही कॉलेज में फीस भरने की व्यवस्था की गई।
यह कहना है विद्यार्थियों का
सुबह दस बजे से फीस जमा करवाने के लिए लाइन में लगे है, लेकिन दो घंटे बीतने के बाद भी नंबर नहीं आया है। आज फीस करवाना बहुत जरूरी है अन्यथा दाखिला नहीं हो पाएगा।---छात्रा प्रगति
विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए कालेज प्रशासन को चाहिए फीस जमा करवाने की तिथि को आगे बढ़ाना चाहिए। बैंक में लगी भीड़ को देखकर तो लगता है कि आज तो नंबर नहीं आएगा। ---छात्रा सुनीता
पांच जुलाई को पहली मेरिट सूची जारी हुई थी। छह को ईद की छुट्टी होने की सूचना पर बैंक नहीं पहुंच पाए, वहीं सात जुलाई को बैंक पहुंचे तो उस दिन भी बैंकों की छुट्टी थी। जिसके कारण फीस जमा नहीं करवाया पाए।---छात्र जितेंद्र
सुबह जल्दी ही घर से निकले थे ताकि जल्द से जल्द फीस जमा करवाकर चालान कालेज में जमा करवा देंगे, लेकिन बैंक में देखा तो भारी भीड़ लगी हुई है। ऐसे में लगता है कि आज तो फीस जमा करवाना संभव नहीं है।
---छात्रा मंजू
कॉलेजों में दाखिले की फीस जमा करवाने की अंतिम तिथि होने के कारण बैंक में भारी भीड़ लगी रही, लेकिन कोई भी विद्यार्थी दाखिले से वंचित न रह पाए, इसके लिए बैंक के समस्त स्टाफ को विद्यार्थियों की फीस जमा करवाने के लिए लगाया गया है। बैंक में प्रतिदिन से दो से तीन करोड़ का लेन-देन होता है, लेकिन विद्यार्थियों की फीस जमा करवाने की अंतिम तारीख होने के कारण बैंक के अन्य कार्य पूरी तरह ठप रहे।
राकेश बामल, स्टेट बैंक मंडी शाखा प्रबंधक