मंडी अटेली। गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों में राशन कार्ड कटने और खाद्य सामग्री से वंचित होने पर सरकार के प्रति भारी रोष पनप रहा है। लोगों ने सरकार व प्रशासन से कटे हुए राशन कार्ड दोबारा से बनाने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि पहले सरकार ने गरीब परिवारों को बीपीएल, गुलाबी तथा ओपीएच की श्रेणी में विभाजित कर राशन वितरण करने का काम किया था, लेकिन परिवार पहचान पत्र की आईडी बनने से राशन कार्ड धारकों को बीपीएल व गुलाबी कार्डों में जोड़ने का काम किया। पीपीपी में जिस परिवार की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार है उनको यह सुविधा देने का प्रावधान किया, जिसका लाभ लोगों को मिला, लेकिन अब पीपीपी में गरीब परिवारों की आय में बढ़ोतरी दिखाकर उनके राशन कार्ड काटे जा रहे हैं, जिसके चलते कार्ड धारक खाद्य सामग्री से वंचित हो रहे हैं।
केस नंबर-1
गांव बिहाली निवासी 75 वर्षीय भतेरी देवी बेसहारा महिला है उसके पति का निधन 40 साल पहले हो चुका था, 6 बेटियां हैं जो गरीबी रेखा में अपना जीवन यापन कर रही हैं, जो कि केवल विधवा पेंशन के सहारे अपना काम चला रही है। उसे भी डिपो पर मिलने वाले राशन से वंचित रखा गया है।
केस नंबर-2
बिहाली निवासी अनिल कुमार गोशाला में मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता है। उसकी वार्षिक आय 3 लाख से 5 लाख तक दर्शाकर बीपीएल सूची से वंचित किया गया। वहीं महेश कुमार अपने एक रिहायशी मकान में परिवार के साथ रहता है जो मात्र 50 गज जमीन में है, लेकिन पीपीपी आईडी में 400 गज का प्लाट दिखाकर कार्ड काट दिया गया। सरकार के नए नियम से सैकड़ों की संख्या में गरीब परिवारों के राशन कार्ड काटे जा रहे हैं, जिससे लोगों में सरकार के प्रति रोष पनप रहा है। जबकि सीएचसी सेंटरों पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उनकी समस्याओं का कोई हल नहीं हो रहा।
पोर्टल सिस्टम से पहले सारा लेखा-जोखा विभाग के पास रहता था, लेकिन फैमली आईडी के अनुसार आए दिन राशन कार्ड कटने व बनने की प्रकिया जारी रहती है। जिसकी सूचना कार्ड धारकों के मोबाइल फोन पर ही आती है। इसलिए कितने राशन कार्ड कट गए। इस संबंध में पूरी जानकारी देने में विभाग अक्षम है, लेकिन कार्ड काटने व बनने का दौर जारी है।
-हरी प्रकाश, निरीक्षक खाद्य आपूर्ति विभाग मंडी अटेली।