जिला प्रमुख के चुनाव की तरह ही नगर प्रमुख के चुनाव भी चुनाव अधिकारी और एडीसी साहब के अचानक बीमार हो जाने की वजह से टल गए। नगर परिषद प्रधान पद के लिए सभी तैयारियां पूरी होने के बाद अचानक टले इन चुनावों से प्रधान पद के लिए दावेदार कर रहे दोनों धड़ों में बेचैनी हो गई है। वहीं चुनाव आगे खिसक जाने से सारे समीकरण बदलने के आसार भी लगाए जा रहे हैं। वहीं चर्चा यह भी चल रही है कि अब एक गुट सांसद के पास चला गया है। जिससे विधायक और सांसद में भी इन चुनावों के लिए टकराव होने की संभावना बन गई है।
बुधवार को नारनौल नगर परिषद प्रधान और उपप्रधान के लिए चुनाव होना तय था। इसके लिए प्रशासन की तरफ से सूचना भी जारी की गई थी। वहीं सभी पार्षदों को भी इसकी सूचना दे दी गई थी। प्रशासन की ओर से भी इन चुनावों के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। मंगलवार दिन तक सब ठीकठाक था मगर रात को अचानक ही घटनाक्रम बदल गया। सुबह चुनाव टलने संबंधी सूचनाएं गर्म होने लगी। हालांकि प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं आई मगर पंचायत भवन में सुबह 10.30 बजे ही सन्नाटा इस बात का गवाही दे रहा था कि 11 बजे होने वाले चुनाव नहीं होंगे।
एडीसी दोबारा हुए अस्वस्थ्य
जिला प्रमुख के लिए होने वाले चुनाव भी एक बार एडीसी साहब के बीमार होने के कारण टल गए थे। जिसके कारण दोबार चुनाव कराए गए थे। अब नगर परिषद के चुनाव भी साहब के फिर से बीमार होने के कारण टल गए।
अस्पताल में भी हुए दाखिल
एडीसी मंगलवार रात को 11.20 मिनट पर नागरिक अस्पताल में भी दाखिल हुए हैं। अस्पताल के रजिस्टर में उनकी एंट्री रात 11 बजकर 20 मिनट की है। रजिस्टर को शुरू में मीडिया के कुछ लोगों ने देख लिया मगर जब इसकी फोटो लेनी चाही तो रजिस्टर को ही गायब कर दिया गया। एमपी से मिला एक गुट, विधायक गुट को होगा चैलेंज
चर्चा है कि विधायक गुट से दूसरे गुट ने मंगलवार को अचानक एमपी धर्मवीर से मुलाकात की। उन्होंने एमपी को अपने पास पूर्ण बहुमत होने की बात बताई। जिसके बाद एमपी ने हस्तक्षेप किया और चुनाव टाल दिए। अब एमपी से मिलने वाला गुट आगामी चुनावों में विधायक के सामने चैलेंज बन सकता है। इससे विधायक गुट में भी खलबली है।