राजस्थान के झुंझुनू के गांव खुडाना निवासी युवक की मौत सड़क दुर्घटना में नहीं हुई थी, बल्कि उसकी हत्या की गई थी। परिजनों ने जब शव को देखा तो एक हाथ पर इंजेक्शन का निशान मिला तो शव का पोस्टमार्टम करवाया। अब परिजनों के इन आरोपों पर राजस्थान पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज़ कर निजामपुर पुलिस को भेजी हैं, जिस पर निजामपुर पुलिस ने चार को नामजद कर अन्य लोगों पर हत्या, एससी, एसटी सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। मामला 19 फरवरी का है।
राजस्थान के झुंझुनू जिला के थाना बगड़ के खुडाना निवासी सतपाल ने पुलिस में शिकायत दी थी कि उसका बेटा घनश्याम 18 फरवरी को अपने दोस्त राजवीर निवासी मोखुता की शादी में आया था। वह अपनी स्कार्पियो साथ लेकर आया था। उसकी स्कार्पियो का राजवीर व एक अन्य व्यक्ति ने 19 फरवरी को एक्सीडेंट कर दिया था। इसके बाद 20 फरवरी को उसके बेटे ने शाम को अपनी मां से फोन पर बातचीत भी की थी और सड़क दुर्घटना के बारे में भी बताया था।
21 फरवरी को उसने घर आने की बात कही थी। इस दौरान उसके बेटे के साथ महेंद्रगढ़ के गांव खातोदडा निवासी प्रीतम व राजवीर भी मौजूद थे। 21 फरवरी को प्रीतम के मोबाइल नंबर से उसके भतीजे के पास रात को करीब सवा एक बजे फोन आया, लेकिन वह रिसीव नहीं कर पाया। इसके बाद उन्होंने घनश्याम की मां सुशीला के नंबर पर फोन किया और उसे बताया कि उनका बेटा सीरियस हालत में है। इसके बाद उन्होंने 2-3 बार उनसे बातचीत भी की। इस पर वे बेटे को देखने जब वहां से निकले तो बाद में उनका फोन आया और कहा कि घनश्याम की मौत हो चुकी है। वे उसकी डैडबॉडी को लेकर उनके घर पर आ रहे हैं।
इस दौरान प्रीतम के साथ राजवीर, राजवीर का पिता ओमप्रकाश व गाड़ी का ड्राइवर भी था। वह सुबह करीब सवा चार बजे आए। इस दौरान उन्होंने देखा कि उसके बेटे घनश्याम के दाहिने हाथ पर एक इंजेक्शन लगा हुआ था। इसके बाद वे शव को झुंझुनू ले गए और पोस्टमॉर्टम करवाया। साथ आए युवकों ने बताया था कि घनश्याम रात के समय अनुज व रवि के साथ सोया हुआ था। शिकायत में बताया गया है कि उसे शक है कि उसके बेटे की प्रीतम, राजवीर, अनुज और रवि कुमार व अन्य ने हत्या की है। थाना बगड़ झुंझुनू पुलिस ने पिता की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज कर महेंद्रगढ़ पुलिस को भेजी। अब स्थानीय पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है।