फोटो नंबर-28मांगों के लेकर नारेबाजी करते नप सफाई कर्मचारी। संवाद
नारनौल। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब शहर की साफ-सफाई पर साफ दिखाई देने लगा है। लगातार छह दिनों से जारी हड़ताल के चलते शहर के बाजारों और मोहल्लों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। इससे न केवल वातावरण दूषित हो रहा है बल्कि आमजन में भी रोष बढ़ता जा रहा है।
शहर में प्रतिदिन करीब 70 टन कूड़े का उठान किया जाता है। इसमें से लगभग 40 टन कूड़ा डोर-टू-डोर व्यवस्था के तहत उठाया जा रहा है जिसे फिलहाल निजी कंपनी संभाल रही है। वहीं, करीब 30 टन कूड़ा ऐसा है जिसे नियमित रूप से सफाई कर्मचारियों की ओर से उठाया जाता था लेकिन हड़ताल के कारण यह कूड़ा विभिन्न स्थानों पर जमा हो रहा है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर पालिका कर्मचारी संघ इकाई नारनौल के कर्मचारियों की हड़ताल छठे दिन बुधवार को भी जारी रही। हड़ताल की अध्यक्षता इकाई प्रधान भूपेंद्र सारवान ने की। वहीं अग्निशमन विभाग इकाई नारनौल के कर्मचारी भी 29वें दिन हड़ताल पर डटे रहे, जिसकी अध्यक्षता इकाई प्रधान गुरदयाल सिंह ने की।
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मोहल्लों में सफाई कर्मचारियों के नहीं आने के कारण झाड़ू नहीं लग रही है। इससे सड़कों पर कूड़ा जमा हो रहा है। सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन को कोई व्यवस्था करनी चाहिए।
-ईशु संघी, मोहल्ला संघीवाड़ा
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छह दिनों से चल रही कर्मचारियों की हड़ताल से अब लोगों में भी रोष पनप रहा है। बाजारों में सड़कों पर जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं जिससे वातावरण दूषित हो रहा है।
-दिनेश बारी, दुकानदार, महावीर मार्ग
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हमारे मोहल्ला पुरानी मंडी में वैसे ही सफाई व्यवस्था का बुरा हाल रहता है। अब सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लग गए है। सफाई व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई।
-आशीष सैनी, मोहल्ला पुरानी मंडी
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सफाई व्यवस्था के कारण हम मानते हैं कि आमजन को परेशानी हो रही है। परंतु हाईकोर्ट ने जो आदेश कच्चे कर्मचारियों के लिए दिया है सरकार उसकी अनदेखी कर रही है। हमने एक मई को ही प्रदर्शन कर सरकार को चेतावनी दे दी थी। इसके बाद भी जब सरकार द्वारा ध्यान नहीं दिया गया तो हमें काम छोड़ हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ा हैं।
-राहुल सारवान, जिला प्रधान, नगर पालिका, कर्मचारी संघ