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स्वच्छता में नारनौल को 43, महेंद्रगढ़ को 189, अटेली को मिली 470वीं रैंक

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स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 से पहले स्वच्छता में नारनौल को प्रदेश में 43, महेंद्रगढ़ शहर को 189वीं रैंकिंग मिली है। मंडी अटेली को 470वीं रैंक मिली। अटेली को 520, नांगल चौधरी को 593वीं की रैंकिंग आई। अब स्वच्छता रैंकिंग के लिए जनवरी महीने में सर्वे शुरू होने वाला है। जिसमें 4 से 31 जनवरी तक केंद्र सरकार की टीम सर्वे कर अपनी रिपोर्ट जारी करेगी। जिसके अनुसार स्वच्छता रैंकिंग मिलेगी। रैंकिंग सूची में नारनौल शहर को छोड़कर कोई भी शहर टॉप 150 में शामिल नहीं हो सका।
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के लिए दो बार सर्वे हो चुका है। पहले दो चरण का रिजल्ट जारी किया गया है। जिसके अनुसार स्वच्छता रैंकिंग दी गई है। अप्रैल से जून की तिमाही में नारनौल को 61वीं रैंक मिली। नारनौल को 739 अंक मिले। दूसरी तिमाही में नारनौल को 972 अंक के साथ 43वीं रैंक मिली। महेंद्रगढ़ को पहली तिमाही अप्रैल से जून में 156वीं रैंक मिली। जिसमें महेंद्रगढ़ 593 अंक मिले। दूसरी जुलाई से सितंबर वाली तिमाही में 189वीं रैंक मिली। जिसमें शहर को 378 अंक मिले। मंडी अटेली को पहली तिमाही में 520वीं रैंक मिली। दूसरी तिमाही में यह शहर 488 अंक के साथ 585वीं रैंक मिली। सितंबर से नवंबर तक तीसरा सर्वे हो चुका है। इन तीनों सर्वेक्षण की नपा ने सफाई व्यवस्था को लेकर जो काम किया है उनका रिकॉर्ड प्रूफ देना होगा। नपा टीम ने होटल, ढाबा, रेस्टोरेेंट, मैरिज पैलेस, स्कूल में लोगों को सफाई के लिए कितना मोटिवेट किया है। वहां पर कौन-कौन से स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करवाए गए हैं। कार्यक्रम के बाद इन स्थानों पर कितना सुधार हुआ है। इन सब के अंक जनवरी 2020 में स्वच्छता सर्वेक्षण में जुड़ेंगे। चार जनवरी से 31 जनवरी के बीच सभी शहरों में दोबारा से निरीक्षण होगा, जिसके रिजल्ट के आधार पर फाइनल रैंकिंग तय होगी।
केंद्र सरकार ने 2017 से स्वच्छता सर्वेक्षण की शुरुआत की। पहले चरण में देश के 500 शहरों में महेंद्रगढ़ शहर का नंबर नहीं आया था। 2018 में पहली बार स्वच्छता सर्वेक्षण में शामिल हुुए महेंद्रगढ़ का प्रदर्शन बहुत खराब रहा था। प्रदेश में 68वां स्थान प्राप्त किया था। 2019 में महेंद्रगढ़ 86वीं रैंकिंग पर चला गया।
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सिटीजन से यह पूछे जाएंगे 12 सवाल
1. क्या आपके वार्ड से कूड़ा प्रतिदिन उठा रहा है, कर्मचारी आ रहे हैं या नहीं?
2. कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी को आप गीला-सूखा कूड़ा अलग-अलग करके देते हैं या नहीं?
3. आप वार्ड में सफाई से खुश हैं या नहीं?
4. क्या आपको पता है कि पॉलीथिन व प्लास्टिक बैन है? आप इनका यूज तो नहीं कर रहे?
5. उठान के बाद नगर पालिका कचरे का निपटान किस तरह से कर रही है, रिसाइकल हो रहा है या नहीं?
6. क्या आप अपने घर में होम कंपोस्टिंग (कूड़े की खाद) बनाते हैं या नहीं, आपको इस बारे में बताया या नहीं?
7. आपके शहर के जितने शौचालय हैं, वह गूगल मैप पर हैं क्या आपको पता है?
8. आपके शहर के होटल, स्कूल, अस्पताल या अन्य संस्थान किस रैंकिंग के हैं यानी साफ सफाई संबंधित कैसे हैं?
9. क्या आपने कभी स्वच्छ सर्वेक्षण में कोई श्रमदान किया है या नहीं?
10. क्या आपको स्वच्छ सर्वेक्षण 20-20 लीग के बारे में पता है?
11. आपका शहर स्वच्छ सर्वेक्षण 20-20 में भाग ले रहा है, किसी कर्मचारी ने आपको बताया या नहीं?
12. क्या आपके शहर में शौचालय साफ सुथरे व यूज करने योग्य हैं या नहीं?
13 क्या आप थ्री आर के सिद्धांत के बारे में जानते हैं, री ड्यूज, री-यूज, रि साइकिल का अनुसरण करते हैं ?
फाइनल में 4 जनवरी से 31 जनवरी तक स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 चलेगा। केंद्र सरकार की टीम तीन दिन शहरों का मुआयना करेगी। सर्वेक्षण को लेकर जिले में तैयारियां की जा रही हैं। इस बार छह हजार अंकों में से अंक प्राप्त होंगे। शहरवासी भी फीडबैक के जरिए अपना योगदान दे सकेंगे। 12 सवाल पूछे जाएंगे।
- जितेंद्र कुमार, जिला कॉर्डिनेटर, स्वच्छ भारत मिशन।
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए नगरपालिका पूर्ण रूप से तैयार है। शहर में 100 प्रतिशत घरों से टैंपो के जरिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन हो रहा है। प्रत्येक वार्ड में बड़ा डस्टबिन लगाया हुआ है। अच्छी रैंकिंग के लिए नागरिक भी स्वच्छता एप को डाउनलोड कर अपना फीडबैक दें।
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- नवल किशोर, सचिव, नगर पालिका महेंद्रगढ़।
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