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नगर पालिका में अब उपप्रधान संभालेंगे कार्यभार, हाईकोर्ट के फैसले की प्रति का इंतजार

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नगर पालिका में चेयरपर्सन की कुर्सी खाली होने के बाद अब उपप्रधान को कार्यभार सौंपा जाएगा। पिछले छह महीने में यह दूसरा मौका होगा तब उपप्रधान को चेयरपर्सन की जिम्मेदारी मिलेगी। नगर पालिका के उपप्रधान रमेश बोहरा प्रधान की शक्तियों का प्रयोग करते हुए कार्य करा सकेंगे।
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पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने नगर पालिका चेयरपर्सन रीना गर्ग को निलंबित करने के आदेशों पर लगाई गई रोक हटा ली है। अब रीना गर्ग को निलंबित माना जाएगा। अदालत के आदेशों की प्रति शनिवार को भी महेंद्रगढ़ नहीं पहुंच सकी। शनिवार- रविवार को अवकाश होने के चलते आदेश आने की संभावना नहीं मानी जा रही। माना जा रहा है कि सोमवार को आदेश नपा में पहुंचेंगे। तब औपचारिक तौर पर नपा के उपप्रधान रमेश बोहरा को प्रधान की कुर्सी सौंपी जाएगी। हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट के अनुसार प्रधान के निलंबित होने की सूरत में उपप्रधान को प्रधान की सारी शक्तियां मिल जाती हैं। ऐसे में सोमवार या मंगलवार से रमेश बोहरा कार्यभार संभाल पाएंगे। महेंद्रगढ़ नगर पालिका में पिछले छह महीने में यह दूसरा मौका होगा तब उपप्रधान को प्रधान की शक्तियां दी जाएंगी। पार्षदों तथा चेयरपर्सन के बीच टकराव के चलते पिछले करीब तीन साल से नपा में विकास कार्य नहीं हो पा रहे। नगर पालिका के कर्मचारियों को वेतन तक नियमित तौर पर नहीं मिल पा रहा। उपप्रधान को शक्तियां मिलने के बाद अब पार्षद उनका समर्थन करते हुए विकास कार्यों में सहयोग कर सकते हैं।
नपा की राजनीति को ऐसे समझें
कुछ पार्षदों ने नपा चेयरपर्सन रीना गर्ग और उनके पार्षद पति सुरेंद्र बंटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर का हवाला देते हुए डीसी से निलंबन की मांग की थी। तात्कालिक डीसी गरिमा मित्तल ने एडीसी से जांच कराकर जनवरी 2019 में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को रिपोर्ट भेजी। निदेशक ने नपा चेयरपर्सन और पार्षद पति का पक्ष सुनने के बाद 27 फरवरी को दोनों को निलंबित कर दिया था। चेयरपर्सन के निलंबन के बाद उपप्रधान रमेश बोहरा को प्रधान पद सौंपा गया। नपा चेयरपर्सन ने निलंबन को पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय में चुनौती दी। जिस पर 27 मार्च को चेयरपर्सन स्टे ऑर्डर मिल गया। स्टे आर्डर मिलने के बाद वह दोबारा से अपनी कुर्सी पर दोबारा काबिज हो गई थी। 12 जुलाई को स्टे आर्डर खारिज हो गया।
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पालिका के खाते में 40 करोड़ फिर भी अटके विकास कार्य
एक अगस्त 2016 को रीना गर्ग को चेयरपर्सन चुना गया था। पहली बैठक में ही अधिकतर पार्षद नहीं आए। जिस कारण अब तक नगर पालिका की कोई भी बैठक मंजूर नहीं हो सकी है। पिछले तीन साल का नपा का बजट भी मंजूर नहीं हो पाया है। नपा चेयरपर्सन ने कई बार बैठक बुलाई। कोरम पूरा न होने के कारण बैठक पूरी नहीं हो सकी। नगर पालिका में करीब 40 करोड़ रुपये होने के बाद भी विकास कार्य नहीं हो पा रहे।
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