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मेरा रंग दे बसंती चोला , इस चोले को पहन भगत सिंह.......गीत से शहीदों को नमन

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कनीना में आयोजित एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम में नृत्य करते हुए हरियाणवी गायकार गजेंद्र - फोटो : Narnol
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मेरा रंग दे बसंती चोला,मेरा रंग दे बंसती चोला, इस चोले को पहन भगत सिंह.....गीत पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं। कनीना की आरएस वाटिका अमर उजाला के एक शाम कारगिल शहीदों के नाम कार्यक्रम की गवाह बनी। करीब चार घंटे चले इस कार्यक्रम में शहीदों को गीतों के जरिये नमन किया गया।
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मुख्य अतिथि प्रोफेसर बीर सिंह यादव ने दीप प्रज्वलित कर समारोह की शुरुआत की। मुख्य अतिथि का फूलों के गुलदस्ते के साथ स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने शहीदों के परिजनों को एक-एक कर मंच पर बुलाकर सम्मान दिया। उन्हानी के शहीद प्रविंद्र का सम्मान उनकी माता संतरा ने ग्रहण किया। सिहोर के शहीद अशोक कुमार के पिता बलबीर सिंह ने सम्मान हासिल किया। गांव गढ़ी रूथल के शहीद बीरेंद्र के भाई ने सम्मान हासिल किया। सम्मान समारोह के बाद देशभक्ति गीतों के जरिये शहीदों को प्रणाम किया गया।
गजेंद्र फौगाट ने भगत सिंह से जुड़े गीत से अपने कार्यक्रम की शुरुआत की। करणी सै तो रीस करो उस भगत सिंह सरदार की गीत से मन मोह लिया। इसके बाद उन्होंने मेरा रंग दे बसंती चोला गीत गाया। बाद में दर्शकों की मांग पर गजेंद्र फौगाट ने हरियाणवी सुपरहिट गीत बहू काले की गाया तो लोग उनके साथ झूमने लगे। लोगों ने दोनों हाथ उठाकर तालियां बजाते हुुए उनका साथ दिया।
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गुदगुदाया और रुलाया...
शहीदों के जीवन पर आधारित गीतों को सुनकर कुछ लोगों की आंखों में आंसू आ गए। बाद में गजेंद्र फौगाट ने अपने चुटीले अंदाज में कुछ किस्से सुनाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा वाले तो रिकार्ड बनाते हैं। मैंने भी लंदन ब्रिज पर ताश खेलने का रिकार्ड बनाया।
अमेरिका में कार, भारत में संस्कार
गजेंद्र फौगाट ने लोगों को कहा कि अमेरिका में बड़ी-बड़ी कार बनती हैं। अपने देश भारत में संस्कार बनते हैं। संस्कार की फैक्टरी भारत में है। भले की यहां कारें छोटी हों, लेकिन संस्कार सबसे बड़े हैं। संस्कारों के मामले में हमारा कोई मुकाबला नहीं है।
श्रीकृष्णा स्कूल के म्यूजिक टीचर सोनू ठाकुर ने भी गीत प्रस्तुत किए। उन्होंने अपने कई गीतों के जरिये लोगों का मनोरंजन किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग धर्म, संस्कार, नैतिकता को भूलकर फिल्मी दुनिया को ही प्राथमिकता दे रहे हैं।
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