सांसद के गोद लिए गांव में नहीं हैं सुविधाएं
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मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर गांवों के हालात नहीं बदले हैं। प्रधानमंत्री ने सांसदों को एक-एक गांव गोद लेकर उनको आदर्श बनाने की अपील की थी। सांसदों ने एक-एक गांव गोद तो लिया लेकिन विकास उनसे कोसो दूर है। यही हाल महेंद्रगढ़ के गांव दौंगड़ा अहीर का है। महेंद्रगढ़- भिवानी के सांसद धर्मबीर सिंह ने इस गांव को गोद लिया था। सांसद गांव के दौरों के दौरान घोषणाएं तो करते गए लेकिन पौने तीन करोड़ रुपये की ग्रांट में से एक भी पैसा खर्च नहीं हुआ। गांव के हाल बेहाल हैं। ग्रामीण सांसद को तो सांसद अधिकारियों पर दोष मढ़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर सांसद कुछ करवा नहीं सकते तो क्यों उन्होंने गांव को गोद लेकर आदर्श बनाने का ढोल पीटा था।
सरपंच के खाते से वापस ली ग्रांट
गांव के विकास के लिए नई पंचायत बनते ही सरपंच के खाते में पौने तीन करोड़ रुपये की राशि डाल दी गई थी। इसे इसी महीने डीसी द्वारा वापस जमा करवाने के आदेश जारी हुए हैं। सरपंच को बताया गया है कि वे केवल दस लाख रुपये तक के कार्य करवा सकते हैं। इसलिए 2 करोड़ 60 लाख रुपये वापस जमा करवा दिए हैं। अब कार्य पंचायती राज एक्सईएन के द्वारा करवाए जाएंगे लेकिन अभी इसका कुछ नहीं पता कि ये कब शुरू होंगे।
सरपंच के घर की गली भी कच्ची
दौंगड़ा गांव के विकास की कहानी इसी बात से बयां हो रही है कि सरपंच नीतू के घर की गली भी कच्ची पड़ी है। गांव की करीब 60 फीसदी गलियां कच्ची हैं। यही नहीं गांव की फिरनी का भी यही हाल है। बरसात के दिनों में तो इन गलियों से निकलना मुश्किल हो जाता है। गांव में पानी निकासी के लिए जो नाले बने हैं, वे गंदगी से अटे पड़े हैं।
केवल यह विकास हुए हैं
गांव में दो आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कार्य चालू है। इसमें से एक का कार्य करीब 80 तो दूसरी का कार्य करीब 30 फीसदी पूरा हो चुुका है। दो बस क्यू शेल्टर तैयार हो चुके हैं। एक गली का निर्माण कार्य पूरा हुआ है, जिसकी पानी की निकासी का भी प्रबंध नहीं है।
इन कार्यों की नहीं हुई शुरूआत
गांव की गलियों और फिरनियों को पक्का करने और गंदे पानी की निकासी के लिए नाला बनवाने काम अटका हुआ है।