महेंद्रगढ़। जिले में चल रही आईटीआई में एक भी ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डीएसटी) नहीं है। इसके चलते युवा सामान्य ट्रेड में दाखिला लेकर केवल अप्रेंटिस से ही रोजगार पा रहे हैं। यदि डीएसटी ट्रेड की व्यवस्था हो तो युवाओं को रोजगार पाने में आसानी होगी।
बता दें कि डीएसटी के लिए विभाग की ओर से कुछ नियम बनाए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से एमओयू किया गया उद्योग संस्थान के 25 किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए। साथ ही उद्योग का वार्षिक टर्नओवर व लेबर संख्या भी देखी जाती है। विभाग की इन शर्तों को पूरा करने वाले राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में डीएसटी यानी दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली की ट्रेड शुरू की जाती है।
यदि जिले की बात करें तो यहां पर कोई बड़ा उद्योग नहीं है और न ही कोई एजेंसी, फैक्ट्री आदि हैं। आईटीआई प्राचार्य की ओर से शहर के आसपास एजेंसी व कुछ शैक्षणिक संस्थानों में जाकर वार्ता की लेकिन किसी में टर्नओवर तो किसी में दूरी की समस्या बनी। इन उद्योगों में विभाग की शर्तें पूरी नहीं होने के कारण ट्रेड का एमओयू नहीं हो पाया है। अब एमओयू न होने के कारण डीएसटी नहीं हैं और ऐसे में युवा केवल सामान्य ट्रेड से प्रशिक्षण ले रहे हैं।
जिले के युवाओं को कार्य अनुभव प्राप्त करने के लिए केवल अप्रेंटिस ही सहारा है। संस्थानों की ओर से हर माह रोजगार मेला लगाया जाता है और इसमें आईटीआई पास युवाओं को बुलाकर उनकी प्लेसमेंट की जाती है। इसके सहारे ही युवा कार्य अनुभव ले पाते हैं।
इंसेट
आईटीआई में डीएसटी से मिलते हैं ये लाभ
दोहरा प्रशिक्षण युवाओं को उद्योग की नवीनतम तकनीकों और व्यावहारिक अनुभव से अवगत कराता है। इसके लिए दो वर्षीय कोर्स में एक साल आईटीआई में और एक साल किसी निजी संस्थान या फैक्ट्री में प्रशिक्षण का प्रावधान है जबकि एक वर्षीय कोर्स के लिए छह माह आईटीआई में और छह माह निजी संस्थान में प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने पर प्रशिक्षुओं को राष्ट्रीय व्यापार प्रमाणपत्र मिलता है और इससे युवाओं को अच्छी नौकरी मिलने के अवसर बढ़ जाते हैं।
वर्जन
प्राचार्य की ओर से कई उद्योगों में एमओयू के लिए वार्ता की गई लेकिन विभाग की शर्तें पूरी न होने के कारण ट्रेड शुरू नहीं हो पाई है। अब संस्थान की ओर से प्रयास जारी है। कोर्स के बाद एक साल का कार्य अनुभव सभी प्रशिक्षुओं को अप्रेंटिस के माध्यम से करवाया जा रहा है।-संदीप, वर्ग अनुदेशक व आईटीआई इंचार्ज, महेंद्रगढ़