नारनौल। रक्षाबंधन पर शनिवार को नारनौल डिपो पर महिलाओं का आवागमन ज्यादा रहा। सिंंघाना, बहरोड़, नांगल चौधरी व निजामपुर जैसे छोटे रूट सहित कई अन्य ग्रामीण रूट पर बसों का संचालन अपेक्षाकृत कम रहा। इससे महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सबसे ज्यादा परेशानी सिंघाना व बहरोड़ रूट पर रही। महिला यात्रियों को घंटों तक बस का इंतजार करना पड़ा। मजबूरन निजी बसों में सफर करना पड़ा। इस कारण कई महिलाओं को फ्री बस सेवा का लाभ नहीं मिल पाया। छोटे व ग्रामीण रूट पर चलने वाली निजी बसों में भी महिलाओं को खड़े होकर सफर करना पड़ा। महिला यात्रियों ने कहा कि फ्री बस सेवा करना ही काफी नहीं था, बल्कि छोटे व ग्रामीण रूट पर रोडवेज बसों के संचालन को भी बढ़ाया जाना चाहिए था।
रेवाड़ी रूट के लिए शनिवार को लगातार बसों का संचालन किया गया। शुक्रवार को फ्री बस सेवा शुरू होने के बाद रेवाड़ी रूट के लिए यात्रियों को करीब 2 घंटे तक बसों का इंतजार करना पड़ा था। इसके बाद भी बस संचालित नहीं होने पर यात्रियों ने अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई थी और महिला यात्रियों ने कहा था कि चाहे टिकट ले लो, लेकिन बस तो चलाओ।
राजस्थान जाना था। राजस्थान रोडवेज बसों का ठहराव नारनौल डिपो पर बहुत कम रहा। हरियाणा रोडवेज की केवल प्रदेश में ही बस सेवा फ्री थी। इस कारण किराया देकर सफर करना पड़ा।-माया देवी, नारनौल।
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बहरोड़ व अलवर रूट पर रोडवेज बसों का संचालन किया ही नहीं गया। केवल निजी बसें संचालित रहीं। इसकारण इस रूट पर हरियाणा क्षेत्र में पड़ने वाले गांवों में जाने के लिए भी महिलाओं को किराया देना पड़ा। -सुनीता देवी, गांव-निजामपुर
वर्जन :
नारनौल डिपो से 150 बसों का संचालन सामान्य दिनों की तरह सभी लंबे व छोटे रूट पर नियमित रूप से किया गया। महिला यात्रियों की संख्या जिस रूट पर अधिक थी, उस रूट पर बसों के फेरों की संख्या बढ़ाई गई। रेवाड़ी रूट पर संचालित बसों के फेरों की संख्या को भी बढ़ाया गया।
प्रीतम कुमार, बस अड्डा इंचार्ज, नारनौल डिपो।