संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल। क्षेत्र में मानसून की धमाकेदार शुरुआत के बाद पिछले एक सप्ताह से लगातार मानसून कमजोर पड़ा हुआ है। शहर में शनिवार को धूप खिली रही वहीं बीच-बीच में हल्के बादल छाए रहने से लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। नारनौल में आज का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 26.5 दर्ज किया गया।
मौसम विशेषज्ञ डॉ चंद्र मोहन के अनुसार जलवायु परिवर्तन और मानव के अमानवीय व्यवहार और कृत्यों वनों की कटाई, नगरीकरण, खनन, और परिवहन के साधनों में वृद्धि ग्रीन हाउस प्रभाव, ग्लोबल वार्मिंग साथ ही साथ जमीन से उठने वाली खतरनाक गैस और गर्म हवा के उठकर ऊपर जाने की वजह से एक समान बारिश का मानसूनी मौसम नहीं बन पा रहा है। जिसकी वजह से मानसून धीरे-धीरे निष्क्रिय और सुस्त पड़ा हुआ है। मानसून के बादल तो पूरे क्षेत्र में एक साथ आ रहे हैं लेकिन जमीन का तापमान इसे खंड वर्षा में तब्दील कर रहा है। पिछले एक सप्ताह से लगातार बंगाल की खाड़ी से आने वाली अधिक शक्तिशाली मानसून हवाएं धीमी पड़ी हुई है। जिसकी वजह से हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर मानसून कमजोर पड़ गया है। परन्तु बहुत जल्द ही बंगाल की खाड़ी पर कम दबाव वालें क्षेत्र के विकसित होने की प्रबल संभावना बन रही है। जिससे मानसून में सक्रियता और तारतम्यता और तेजी की संभावना बन रही है। अगर अनुकूल परिस्थितियां बनी रहती है तो 15 जुलाई को बंगाल की खाड़ी पर निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है। जिससे दक्षिणी पूर्वी मानसून की शाखा गति पकड़ सकतीं हैं। इसके साथ अरब सागर से पश्चिमी धारा भी गति प्रदान करेंगी। मानसून की गतिविधियों के विस्तार के रूप में पहले भारतीय मध्य हिस्सों में और धीरे-धीरे राजस्थान पंजाब और हरियाणा एनसीआर दिल्ली सहित उत्तरी भागों में अगले सप्ताह के उतरार्द्ध यानी 17 से 25 जुलाई हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मानसून की वापसी की संभावना बन रही है ।