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Mahendragarh-Narnaul News: नमी ने रोकी सरसों की बिक्री, भाव बढ़े...फिर भी किसान परेशान

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फोटो नंबर- 12नई अनाज मंडी में सरसों की ढेरी लगाते किसान। संवाद
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नारनौल। खुली मंडी में व्यापारियों की ओर से की जाने वाली लैब जांच व सरकारी खरीद के दौरान नमी की अधिकता किसानों के लिए परेशानी बनी हुई है। 42 प्रतिशत लैब की सरसों का भाव 6500 रुपये बना हुआ है। वहीं न्यूनतम समर्थन मूल्य 6200 रुपये निर्धारित किया गया है।
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व्यापारी लैब जांच में 40 प्रतिशत से कम लैब बैठने पर सरसों 6 हजार से 6100 रुपये के भाव पर खरीद रहे हैं।
सरकारी खरीद में 8 प्रतिशत से अधिक नमी रहने पर सरसों की खरीद नहीं की जा रही। इस कारण किसानों को सरसों के भाव में तेजी होने के बाद भी सरसों बेचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अटेली में वीरवार को 530 क्विंटल गेंहू की खरीद की गई। अब तक कुल 9580 क्विंटल गेंहू की खरीद हो चुकी है। अटेली में सरसों की सरकारी खरीद का खाता खुल गया और 160 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। नारनौल में 80 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद की गई और अब तक 730 क्विंटल सरसों की खरीद की जा चुकी हैं।
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अटेली में नौ दिनों में 4920 क्विंटल गेंहू और नारनौल में 500 क्विंटल सरसों का उठान किया जा चुका है।

बॉक्स
खुली मंडी में सरसों बेचने के लिए आया था लेकिन लैब 40 प्रतिशत से कम था। व्यापारी केवल 6 हजार से 6100 रुपये के भाव पर सरसों खरीद रहे थे। इस कारण मैंने अपनी सरसों को सरकारी खरीद में बेचने का फैसला किया।
प्रमोद, किसान, मोहल्ला- रावका

व्यापारियों द्वारा कम भाव देने के चलते मैंने सरकारी खरीद में फसल बेचने के लिए गेटपास जारी करवाया लेकिन सरसों में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण इंतजार करना पड़ा।
महेंद्र, किसान, पाल गांव

वर्जन
गेटपास जारी करने का कार्य सुचारु रूप से किया जा रहा है। सरकारी खरीद में सरसों की आवक में बढ़ोतरी हुई है। किसानों से अपील है कि नियमानुसार दस्तावेज लेकर मंडी आए ताकि गेटपास जारी करने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
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नुकुल यादव, सचिव, मार्केट कमेटी, नारनौल।
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