फोटो नंबर-02बैठक में आपदा प्रबंधन पर जानकारी देती असिस्टेंट कमांडेंट सरोज रानी। स्रोत- प्रशास
नारनौल। किसी भी आपदा अथवा युद्ध जैसे हालात में क्विक रिस्पांस सबसे महत्वपूर्ण होता है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के आने तक जिला प्रशासन की टीम तथा सिविल डिफेंस वॉलंटियर जनहानि को रोकने में अहम भूमिका निभाता है।
उपायुक्त डॉ. विवेक भारती लघु सचिवालय के मीटिंग हॉल में एनडीआरएफ 7वीं बटालियन भटिंडा की टीम संग प्रशासनिक अमले के साथ हुई टेबल टॉप एक्सरसाइज में यह बात कही। उपायुक्त ने कहा कि जल्द ही एनडीआरएफ तथा प्रशासनिक अधिकारियों व सिविल डिफेंस वालंटियर के साथ एक मॉक ड्रिल कराई जाएगी।
इस मौके पर असिस्टेंट कमांडेंट सरोज रानी ने बताया कि स्थानीय नागरिकों को बेहतर आपदा प्रबंधन सिखाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल गृह मंत्रालय की टीम 31 मई तक विभिन्न स्कूल-कॉलेजों तथा गांवों में आपदा से निपटने के लिए लोगों को जागरूक करेगी। इस बैठक में महेंद्रगढ़ के एसडीएम अनिल यादव, नांगल चौधरी के एसडीएम मनोज कुमार, कनीना के एसडीएम डॉ. जितेंद्र अहलावत, नारनौल के एसडीएम रमित यादव, नगराधीश मंजीत कुमार, सीएमओ डॉ. अशोक कुमार, जिला राजस्व अधिकारी राकेश कुमार तथा एनडीआरएफ इंस्पेक्टर शिवकुमार के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।