जल जीवन मिशन के तहत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन, हरियाणा द्वारा प्रदेश भर के जिलों में मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब के माध्यम से गांव-गांव जाकर मौके पर ही जल की रासायनिक जांच की जा रही है। इसी क्रम में महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल पहुंची।
मोबाइल लैब 2 जून से 30 जून तक विभिन्न ग्राम पंचायतों में जाकर जल परीक्षण करेगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की जिला प्रयोगशाला से लैब केमिस्ट सुधीर चौधरी, उपमंडल अभियंता जसवीर सिंह एवं जिला सलाहकार मंगतराम सरसवा ने संयुक्त रूप से मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उपमंडल अभियंता ने मोबाइल लैब का निरीक्षण किया तथा जल नमूनों की जांच की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की।उपमंडल अभियंता जसवीर सिंह ने बताया कि जल जीवन मिशन एवं जल शक्ति अभियान के माध्यम से शासन एवं प्रशासन की ओर से आमजन को यही संदेश निरंतर दिया जा रहा है। मोबाइल लैब इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
लैब केमिस्ट सुधीर चौधरी ने बताया कि मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब एक आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित चलायमान प्रयोगशाला है, जिससे मौके पर ही जल की गुणवत्ता की जांच की जा सकती है। इस एक महीने की अवधि में यह लैब जिले के लगभग 500 जल स्रोतों की जांच करेगी।
जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने बताया कि यह मोबाइल लैब 30 जून तक जिले की ग्राम पंचायतों का भ्रमण करेगी। प्रतिदिन कम से कम 7 गांवों का निरीक्षण कर सभी जल स्रोतों की जांच की जाएगी। नारनौल खंड के गांव बड़कौदा, कुतबापुर, लहरौदा, निवाजनगर, गहली, मंडलाना एवं मकसूसपुर को कवर किया गया है। 3 जून को लैब खाटोटी कला, भांखरी, दौचाना, गोद, बलाह कला, बदोपुर और थाना गांव में जल स्रोतों की जांच करेगी।
लैब सहायक उज्ज्वल कुमार ने बताया कि यह मोबाइल लैब गांव-गांव जाकर जल के कुल 9 मानकों की रासायनिक जांच करेगी। इनमें प्रमुख रूप से टीडीएस, पीएच, टरबिडिटी, आयरन, हार्डनेस, फ्लोराइड, नाइट्रेट, सल्फेट एवं जिंक की जांच की जाएगी। इस अवसर पर बीआरसी इन्द्रजीत, बीआरसी मोहित कुमार एवं लैब स्टाफ से अरविंद, विकास आदि उपस्थित रहे।