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Mahendragarh-Narnaul News: खदान में विस्फोट से मकानों में दरारें, बच्चों ने स्कूल जाने से किया इन्कार

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नांगल चौधरी (नारनौल)। अरावली क्षेत्र में नियमों के विरुद्ध संचालित माइंस व ओवरलोड वाहनों से आमजन तो परेशान हैं ही, साथ ही जिला प्रशासन के लिए भी चुनौती बना हुआ है। अब बीते दिनों मूसनोता में संचालित एक माइंस में हैवी ब्लास्ट (भारी विस्फोट) से ढाणी जोखला वाली व ढाणी मलियावाली के 10-12 मकानों में दरारें आ गई हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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विस्फोट के बाद धूल के गुब्बार व बारूद की गंध से बुजुर्गों व बच्चों का दम घुट रहा है। ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर तेजी से प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जिला उपायुक्त, मुख्यमंत्री, एनजीटी, वन विभाग व सीएम विंडो तक की है, लेकिन किसी भी अधिकारी का कदम माइंस के खिलाफ कार्रवाई के लिए नहीं बढ़ रहा है। इससे ग्रामीण अब धरने प्रदर्शन की रणनीति बनाने में जुट गए हैं।


विद्यालय से दो सौ मीटर दूर हो रहे विस्फोट

ग्रामीणों ने बताया कि उनके बच्चों की शिक्षा के लिए सरकार ने प्राथमिक स्कूल खोला हुआ है। विद्यालय में बच्चों की संख्या करीब 50 थी, लेकिन अब करीब दो सौ मीटर दूरी पर ही पत्थर की खदान संचालित है। माइंस संचालक कम खर्च में अधिक प्रोडक्शन के लिए विस्फोट करते हैं, जिससे स्कूल में कंपन्न होने से नौनिहालों के मन में डर पैदा हो रहा है। इससे काफी बच्चों ने स्कूल जाने से इन्कार कर दिया। इससे स्कूल में छात्र संख्या घटकर आधा दर्जन के करीब रह गई है।
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स्कूल में कंपन के बारे में स्कूल मुखिया ने उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजकर अवगत भी करवा दिया है, लेकिन अभी तक प्रशासनिक स्तर पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए भी कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए गए हैं। वहीं विस्फोट से ग्रामीणों की आस्था का केंद्र शिव मंदिर की दीवारें भी दरकने लगी हैं।


विस्फोट से गोवंशों की भी जा रही जान

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को दी शिकायत में कहा है कि माइंस अरावली पर्वत शृंखला के बीच संचालित है। यहां बेसहारा गोवंश चरते हैं। पिछले दिनों विस्फोट से खदान के नजदीक दो-तीन गायों की मौत हो गई, जिनको माइंस के कारिंदों ने बुलडोजर से गड्ढा खोदकर दबा दिया।



आरटीआई से मांगी थी माइंस संबंधित जानकारी, अधिकारियों ने देने से किया इन्कार


ग्रामीण शीशराम ने बताया कि 20 जुलाई 2023 को उन्होंने विस्फोट से परेशान होकर खनन विभाग से आरटीआई के तहत माइंस संबंधित जरूरी जानकारी मांगी थी, लेकिन खनन विभाग के अधिकारियों ने आरटीआई का जवाब देते हुए कहा कि वे थर्ड पार्टी को जानकारी साझा नहीं कर सकते। खनन विभाग के अधिकारी जानकारी साझा करने से बच रहे हैं।
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माइंस के रास्ते की पैमाइश कर चुके हैं। माइंस का पूरा रास्ता अरावली क्षेत्र में है, जिसको जल्द ही बंद कर दिया जाएगा।
-रोहताश सिंह, जिला वन अधिकारी महेंद्रगढ़।





माइंस का कुछ रास्ता अरावली क्षेत्र में है। वे जल्द ही इसकी रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज देंगे।
- मनोज कुमार, एसडीएम नारनौल।
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