नारनौल। गर्मी शुरू होने के साथ ही गंदगी के कारण मक्खी-मच्छर का प्रकोप होना शुरू हो गया है। ऐसे में मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। आने वाले दिनों में बरसात होगी तो मच्छरों से बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। पिछले 7 सालों की बात करें तो जिले में मलेरिया के केस कम हुए हैं, लेकिन बिल्कुल बंद नहीं हुए हैं। पिछले साल भी मलेरिया के तीन केस सामने आए थे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मई माह से मॉस फीवर सर्वे का काम शुरू किया जाएगा। यह सर्वे मई से अक्तूबर तक एक से दस तारीख तक चलेगा। इस दौरान जिले में बुखार से पीड़ित लोगों की रक्त पट्टिकाएं बनाई जाएंगी और बुखार की दवा दी जाएगी। यदि किसी को मलेरिया होगा तो उसका इलाज किया जाएगा। पिछले दो साल में मलेरिया के केस मिले हैं। 2021 में 5 और 2022 में मलेरिया के 3 केस सामने आए थे। ऐसे में विभाग ने अपनी से तैयारी शुरू कर दी है। इसी सप्ताह टीमों का गठन कर दिया जाएगा, जो फील्ड में जाकर सैंपल लेंगी।
मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से मलेरिया फैलता
मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से मलेरिया फैलता है। यह मच्छर शाम व रात के समय अधिक काटता है। हालांकि अभी तक बरसात का सीजन शुरू नहीं हुआ है। हल्की बूंदाबांदी ही हुई है। आगामी दिनों में मलेरिया अधिक फैलने का आशंका रहती है।
2017 में आए थे मलेरिया के 25 केस
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2017 से लेकर 2023 तक इन सात वर्षों में कुल 56 मलेरिया के मरीज मिले। इन सात वर्षों में पहली बार वर्ष 2020 में ऐसा हुआ था जब मलेरिया का कोई मरीज नहीं मिला था। सबसे अधिक मलेरिया के मरीज वर्ष 2017 में कुल 25 केस पाए मिले थे। अब विभाग द्वारा मलेरिया की रोकथाम के प्रयास किए जा रहे हैं।
मलेरिया के लक्षण
-बुखार आना
-सिर दर्द होना
-उल्टी होना
-मन खराब होना
-ठंड लगना
-चक्कर आना
-थकान होना।
-सांस लेने में दिक्कत
मलेरिया से बचाव
-मलेरिया मच्छर अधिकतर शाम व रात के समय काटता है। इसलिए इस समय घर पर रहें और मच्छरों से बचाव करें।
-मलेरिया से बचने के लिए ऐसे कपड़ों का प्रयोग करें जो शरीर के अधिकांश हिस्से को ढक सकें।
-घर के आसपास बारिश या अन्य पानी एकत्रित न होने दें। खड़े पानी में मच्छर पैदा होते हैं।
-बुखार तेजी से बढ़ रहा है तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लें और जांच करवाएं।
-मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए उपाय करें और सावधानी बरतें।
कब मिले डेंगू व मलेरया के मरीज
वर्ष मलेरिया डेंगू
2017 25 3
2018 22 4
2019 1 10
2020 0 7
2021 5 161
2022 3 72
2023 0 0
मलेरिया को लेकर विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। मई से अक्टूबर तक प्रत्येक माह के पहले दस दिन मॉस फीवर सर्वे करवाया जाएगा। बुखार से पीड़ित मरीजों की रक्त पट्टिकाएं तैयार करवाई जाएगी ताकि बीमारी का पता लग सके।
डॉ. रामनिवास, जिला मलेरिया अधिकारी, नारनौल