नारनौल। गत चार महीनों से खाली बैठे बैंडबाजा बजाने वाले व मैरिज पैलेस संचालकों का अब 12 नवबंर देवउठनी एकादशी से काम शुरू हो जाएगा।
देव उठनी एकादशी के स्वयं सिद्ध मुहूर्त को लेकर शहर के सभी मैरिज पैलेस व बैंडबाजा बजाने वाले पांच महीने पहले ही बुक हो चुके थे। देवउठनी एकादशी से शुरू होने वाला शादियों का सीजन अब एक महीने तक चलेगा और शहर में शहनाई गूंजेंगी। इसके पश्चात 14 दिसबंर से फिर एक महीने खर मास विवाह बंद रहेंगे। फिलहाल चार महीने से शादियों के शुरू होने का इंतजार कर रहे बैंडबाजा बजाने वालों व मैरिज पैलेस संचालकों के चेहरों पर रौनक लौट आई है।
यहां करीब 50 बैंड वाले है जो सभी चार महीने पहले ही बुक हो गए थे। देवउठनी एकादशी को लेकर बैंडबाजों व मैरिज पैलेस के भी मुंह मांगे भाव रहे। मैरिज पैलेस 70 हजार रुपए से शुरू होकर आगे जैसी सजावट वैसे ही दाम रहे। इसके अलावा बैंडबाजे भी 35 हजार से 50 हजार रुपए बुक हुए। बैंडबाजा के पेशे से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजे के कारण उनके व्यवसाय पर असर पड़ा है, लेकिन इसके बाद भी इस बार देवउठनी एकादशी को लेकर सभी शहर के बैंडबाजे बुक हैं। इसी तरह शहर में 40 के करीब मैरिज पैलेस भी है जो देवउठनी एकादशी पर बुक है और उन्हें सजाने का कार्य चल रहा है। शहर में मैरिज पैलेस के अलावा भी अनेक स्थानों पर टेंट लगाकर विवाह समारोह का आयोजन किया जाएगा।
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बैंडबाजों का काम गत चार महीनों से बंद पड़ा था। देवउठनी एकादशी से एक महीने तक सभी बैंडबाजा बजाने वालों के पास बुकिंग है। अब विवाह-शादियों में डीजे के कारण बैंडबाजों पर थोड़ा असर पड़ा है जिसके चलते हमारी मजदूरी कम हो गई है। देवउठनी एकादशी को लेकर चार महीने पहले ही शहर के सभी बैंड बुक हो चुके थे।
विनोद कुमार, पूर्व प्रधान, बैंडबाजा यूनियन
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देवउठनी एकादशी से अब शहर के मैरिज पैलेसों में रौनक रहेगी। देवउठनी एकादशी के स्वयं सिद्ध मुहूर्त को लेकर सभी मैरिज पैलेस बुक है। मैरिज पैलेस में जिस हिसाब की सजावट करवाई जाती है उसी हिसाब से रुपए भी लगते हैं। देवउठनी एकादशी के सांवे को लेकर पांच महीने पहले ही मैरिज पैलेस बुक हो चुके थे।
धीरज फौजदार, मैरिज पैलेस संचालक