संवाद न्यूज एजेंसी
कनीना। गांव ककराला में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन आचार्य भारत शास्त्री ने भगवान के वामन अवतार की कथा सुनाई। कथा के बीच श्रीकृष्ण जन्मोत्सव भी मनाया गया।
कथा के दौरान आचार्य भारत ने कहा कि कोई भी घटना से मानव का पूरा आचरण बदल सकता है। इसलिए आंख और कान सभी पर नियंत्रण होना बेहद जरूरी है। नर्क से बचने का एकमात्र सरल तरीका है कि भागवत भजन। जो जीव भगवत भजन करेगा, जो भगवान के नाम में विश्वास रखता है वो आसानी से भव सागर से तर जाता है।
कहा कि सदा अपने नेत्र, श्रवण और वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। क्योंकि जैसा हम सुनते हैं, देखते हैं, ठीक वैसा ही आचरण करते हैं। ये आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप क्या देख रहे हैं, क्या सुन रहे हैं। देखना और सुनना अगर सुधरा हुआ हो, अच्छा हो तो व्यक्ति कभी गलत रास्ते पर नहीं जाएगा। जो उचित हो हमेशा वहीं देखो और सुनो। भगवान के नाम का आश्रय लो, सत्संग करो, वहीं हमारे साथ जाएगा।
कथा व्यास ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर भगवान कृष्ण की बाललीला, गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग का वृतांत सुनाया जाएगा। इस दौरान पंचायत समिति चेयरमैन जयप्रकाश यादव, महेंद्र सिंह, ओमप्रकाश फौजी, विजय सिंह, नरेंद्र फौजी, संतलाल नंबरदार, रामकिशन, दिनेश सोनी सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।