फोटो संख्या:62-पंड़ित राहुल भारद्वाज--संवाद
महेंद्रगढ़। 14 मार्च को सूर्य कुंभ राशि से मीन राशि में प्रवेश करेगा जिससे खरमास (मलमास) की शुरुआत हो जाएगी। एक माह तक मलमास के दिनों में विवाह-शादी, मुंडन व अन्य मांगलिक कार्यक्रमों पर विराम लग जाएगा। एक माह बाद 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेगा और इसके साथ ही मलमास समाप्त होने से मांगलिक कार्यक्रमों की शुरूआत हो सकेगी। पंडित राहुल भारद्वाज ने बताया कि मांगलिक कार्यों के लिए किसी भी शुभ कार्य के लिए गुरु का अच्छी स्थिति में होना जरूरी है, अगर ये ग्रह अशुभ स्थिति में होते हैं तो मांगलिक कार्य के लिए मुहूर्त नहीं रहते हैं। खरमास के समय में सूर्य के तेज की वजह से गुरु का बल कमजोर हो जाता है और गुरु के स्वभाव में उग्रता आ जाती है। गुरु ही शुभ कार्यों के कारक है। इसलिए मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है। संवाद