महेंद्रगढ़। पिछले तीन दिनों से सबसे कम तापमान के साथ महेंद्रगढ़ प्रदेशभर में सबसे ठंडा क्षेत्र बना हुआ है। रविवार को तीसरे दिन भी लगातार न्यूनतम तापमान में गिरावट का क्रम जारी रहा। लोग दिनभर अलाव का सहारा लेने को मजबूर हो रहे हैं। रविवार को न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री व अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि अधिकतम तापमान में शनिवार के मुकाबले 1.0 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री कम रहा। आसमान में दोपहर के समय ही सूर्यदेव के दर्शन हुए। दोपहर बाद आसमान में बादल छाने से ठंड बढ़ गई। दिनभर 7 से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने लोगों को दिनभर घरों में दुबकने के लिए मजबूर कर दिया। महेंद्रगढ़ क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से तापमान में गिरावट का क्रम जारी है। वहीं मौसम विभाग भी आगामी 27 दिसंबर तक न्यूनतम व अधिकतम तापमान में ओर गिरावट की संभावना जता रहा है। धीरे-धीरे तापमान जमाव बिंदु की तरफ बढ़ने से लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। वहीं किसान इस ठंड को फसलों के लिए लाभदायक मान रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस ठंड से सरसों व गेहूं दोनों ही फसलों को लाभ मिलेगा तथा तेजी से ग्रोथ होने के साथ-साथ फुटाव भी अधिक होगा।
सुबह कोहरे से हो रही दिन की शुरूआत
रविवार सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। 11 बजे धूप खिलने से कुछ राहत जरूर मिली लेकिन दो बजे के बाद आसमान में बादल छा गए जिससे शीतलहर का प्रकोप ओर अधिक बढ़ गया। पिछले तीन दिनों से सर्दी के तेवर को देखते हुए लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो रहे हैं। आवश्यक कार्यों के लिए ही बाहर निकल रहे हैं जिसके चलते बाजारों व मुख्य सड़कों पर सन्नाटा छाया रहता है। वहीं केवीके ग्रामीण कृषि मौसम विशेषज्ञ डॉ. दिवेश चौधरी ने बताया कि अगले दो दिनों में तापमान गिरने की संभावना बनी हुई है। इसके बाद 27 दिसंबर से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। आसमान में बदलवाई तथा 7 से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से शीतलहर चलेगी।