नारनौल। केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशानुसार आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आभा कार्ड बनाए जा रहें हैं। आभा कार्ड का पूरा नाम आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता हैं। जिले में करीब दस लाख आबादी है, जिनका आभा कार्ड बनाया जाना है। जिसमें से अब तक करीब 6 लाख लोगों के आभा कार्ड बन चुके हैं। वहीं पिछले दो महीनों से मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा आभा कार्ड बनाए जाने को लेकर प्रदेश के सभी जिलों के डाटा की गणना की जा रही हैं। जिसमें आभा कार्ड बनाने में महेंद्रगढ जिले का स्थान प्रदेश के शीर्ष जिलों में शामिल हैं। इसके लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा महेंद्रगढ़ जिले की आभा टीम को बधाई भी दी है।
आभा कार्ड बनाए जाने के पीछे का उद्देश्य यह हैं कि मरीज के स्वास्थ्य ब्यौरे को आनलाइन माध्यम से सुरक्षित रखा जा सकें। वहीं समय-समय पर होने वाले उपचार का ब्यौरा अपडेट किया जा सकें। आभा कार्ड बनाने पर 14 अंकों का एक आईडी नंबर जनरेट होता है। इसमें व्यक्ति अपने स्वास्थ्य ब्योरा, सभी प्रकार की जांच की जानकारी, उपचार के समय ली गई दवाओं और वैक्सीन की जानकारी को डिजिटल प्लेटफार्म पर सुरक्षित रख सकते हैं। आभा कार्ड में व्यक्ति की स्वास्थ्य संबंधित पुरानी सभी जानकारी उपलब्ध होने से उपचार के समय डॉक्टर को मरीज के सटीक विश्लेषण में भी मदद मिल सकेगी।
बारकोड स्कैन करके स्वयं बना सकते हैं आभा आईडी
सभी वर्ग के लोगों के लिए आभा कार्ड बनाया जाना अनिवार्य है ताकि लोगों को उपचार के समय किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पडे़। आभा कार्ड बनाने के लिए सबसे पहले गूगल क्रॉम पर जाकर बारकोड स्कैन करना होगा, जिसके बाद आभा कार्ड बनाने के लिंक पर क्लिक करके आधार कार्ड व ओटीपी दर्ज करके आभा कार्ड बना सकते हैं। लोग सरकारी अस्पताल से व नजदीकी सीएससी सेंटर से भी आभा कार्ड बनवा सकते हैं।
आयुष्मान कार्ड बनाने में भी प्रदेश में पहले स्थान जिला
आयुष्मान कार्ड के तहत बहुत से लोगों को बेहतर उपचार मिल रहा है। जिले में करीब 558023 लोगों का आयुष्मान कार्ड बनने का लक्ष्य निर्धारित हैं। जिसमें से अब तक 486220 लोगों का आयुष्मान कार्ड बन चुका है। जिला में अब तक निर्धारित लक्ष्य में से 87 फीसदी लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। आयुष्मान कार्ड बनाने में जिला महेंद्रगढ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। महेंद्रगढ़ के बाद जिला दादरी है, जहां अब तक निर्धारित लक्ष्य में करीब 84 फीसदी लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं।
आभा कार्ड बनाने का उद्देश्य यह हैं कि मरीज के स्वास्थ्य ब्योरे को ऑनलाइन सुरक्षित रखा जा सके। सभी वर्गों के लोगों को आभा कार्ड बनवाना अनिवार्य है। जिले में अब तक करीब 6 लाख लोगों के आभा कार्ड बन चुके हैं। लोगों से आग्रह है कि जल्द से जल्द अपना आभा कार्ड बनवाएं ताकि निकट भविष्य में उपचार के समय असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।
-उमेश सैनी, जिला सूचना प्रबंधक, आयुष्मान भारत-चिरायु हरियाणा योजना