महेंद्रगढ़। शहर की नगरपालिका पिछले सात सालों से राजनीतिक अखाड़ा बनी हुई है। पिछले दो सालों में विकास के नाम पर शहर में एक ईंट तक नहीं लग पाई है। जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण करीब 15 करोड़ रुपये के 16 से अधिक विकास कार्याें की फाइलें ठंडे बस्ते में चली गई हैं।
दो सालों में शहर की नगरपालिका के पास विकास के नाम पर हाथ खाली हैं। पिछले पांच साल की योजना पार्षदों व प्रधान की आपसी खींचतान की भेंट चढ़ गई थी। वहीं वर्ष 2021-22 में नपा का चार्ज जब प्रशासन के पास था तो कुछ सड़कों पर काम हुआ था उनपर भी धांधली व नियमों की अनदेखी की शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो पंचकुला में एक साल से जांच चल रही है। शहरवासियों का विकास की बाट जोहते-जोहते अब नपा से मोह भंग हो चुका है। पिछले दो माह से नपा कार्यालय में प्रधान, सचिव, उप प्रधान, जेई, एमई, कोषाध्यक्ष, पटवारी सहित अन्य अधिकारी नियमित रूप से कार्यालय में भी नहीं बैठ पा रहे हैं।
पिछले सात साल से चल रही खींचतान की भेंट चढ़ा विकास
पिछले सात सालों में राजनीतिक का अखाड़ा बनी नपा में तत्कालीन सचिव, एमई, जेई, लिपिक सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारियों पर भी विभिन्न मामलों में जांच चल रही है। वर्तमान सचिव से पूर्व एक सचिव को भ्रष्टाचार के एक मामले में सस्पेंड भी किया जा चुका है। दो बार नपा की योजना के दौरान पार्षदों व प्रधान के दो गुट बन जाते हैं जो एक-दूसरे की टांग खींचकर कोई भी विकास कार्य सिरे नहीं चढ़ने दे रहे हैं। वहीं पहले स्थाई रूप से सचिव, एमई, जेई, पटवारी, कोषाध्यक्ष सहित अन्य अधिकारियों की कमी रही। जिस भी अधिकारी व कर्मचारी को महेंद्रगढ़ नपा का चार्ज मिला वह अपने ट्रांसफर के चक्कर में भागदौड़ करता रहा। नपा के राजनीतिक अखाड़े के चक्कर में जिस भी पद पर तैनाती होती है वह पहले ही ट्रांसफर के लिए भागदौड़ शुरू कर देता है।
यह योजनाएं गई ठंडे बस्ते में, फाइलें फांक रही धूल
जिम्मेदारों की लापरवाही से करीब 15 करोड़ रुपये की 16 योजनाएं अधिकांश प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद भी धरातल पर ही नहीं उतर पाई। इनमें 15 माह पूर्व डोर-टू डोर कचरा कलेक्शन का टेंडर खत्म हुआ तो नपा की ओर से 2.50 करोड़ के बजट का प्रस्ताव पास कर इसकी फाइल तैयार की गई, लेकिन यह योजना अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। वहीं 2.50 करोड़ की लागत से बनने वाला 11 हट्टा बाजार, पूर्व सीएम की घोषणा के तहत पांच करोड़ की लागत से ऑटो मार्केट के पीछे बनने वाला नपा का आधुनिक भवन, 56 लाख की स्ट्रीट लाइट नपा के गोदाम में पड़ी धूल फांक रही हैं। वहीं 2.50 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन सामुदायिक भवन का निर्माण अधूरा पड़ा है। शहर की 12 कालोनियों को मान्यता दिलाने के लिए गत वर्ष नवंबर माह में सर्वे होने के बावजूद भी फाइल को आगे नहीं बढ़ा पाए हैं। 20 मुख्य सड़कों का नव निर्माण एवं मजबूतीकरण, अतिक्रमण पर नियंत्रण, पार्किंग, मोदाश्रम के पास ट्यूरिस्ट सर्किट, देवीलाल पार्क को विकसित करना, राव तुलाराम चौक के पास स्वागत द्वार का निर्माण सहित अन्य योजनाओं पर अधिकांश प्रक्रिया पूरी होने के बाद तैयार की गई फाइलें ठंडे बस्ते में चली गई हैं।
हाल ही में जिला नगर आयुक्त महाबीर प्रसाद व अधिकारियों तथा पार्षदों की नारनौल में बैठक हुई है। इस बैठक में शहर के 16 विकास कार्याें को लेकर मंथन किया है। प्रथम चरण में सड़कों का निर्माण व मजबूतीकरण का कार्य पूरा किया जाएगा। इसके बाद जिन योजनाओं के प्रस्ताव पास हो चुके हैं, उनकी प्रक्रिया शुरू करा जल्द ही धरातल पर उतारने का प्रयास होगा।
-रमेश सैनी, नगरपालिका प्रधान महेंद्रगढ़।