स्वास्थ्य मंत्री के आदेश के बावजूद जिले का स्वास्थ्य विभाग अभी तक एक भी सैंपल नहीं ले पाया है। पिछले दो दिन में स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रदेश भर में छापेमारी कर मैगी के सैंपल ले रही हैं। वहीं कोर्ट ने अभिनेता अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित व प्रीति जिंटा के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश जारी कर दिए हैं।
इतना सब होने के बावजूद जिले के लोगों की सेहत से खिलवाड़ को रोकने में स्वास्थ्य विभाग अभी तक फेल साबित हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लिखित में आदेश आने का इंतजार कर रहे हैं। विभाग के अनुसार जब तक लिखित आदेश नहीं आ जाते, तब तक वे कोई सैंपल नहीं लेंगे।
सेहत की कसौटी पर फेल हुई मैगी
सेहत की कसौटी पर देश भर में मैगी काफी जगहों पर फेल हुई है। ऐसे में जिले में मैगी के सेहत सुधार रही है या बिगाड़ रही है, इसका पता तो सैंपल लेने के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल तो स्वास्थ्य विभाग ही फेल साबित हो रहा है। जिले के अधिकारियों की इतने बड़े मामले पर नजर नहीं हैं। जिसके चलते हर दूसरे किरयाणे की दुकान पर मैगी बिक रही है।
नहीं है फूड सेफ्टी आफिसर
जिले में सैपलिंग के लिए फूड सेफ्टी आफिसर ही नहीं है। इसके चलते यहां के अधिकारी चाहकर भी मैगी तो क्या किसी भी खाद्य पदार्थ का सैंपल लेने में असमर्थ हैं। ऐसे हालात में प्राथमिकता तो यही होनी चाहिए कि यहां पर फूड सेफ्टी आफिसर की तैनाती की जाए, जिससे जिले की सेहत का रखवाला मिल सके। सीएमओ डॉ. कांता ने बताया कि मैगी के सैंपल लेने के बारे में निदेशालय की ओर से लिखित में आदेश नहीं आए हैं। अगर स्वास्थ्य मंत्री ने इस बारे में बयान दिया है तो वे कल ही सैंपल करवाएंगे। जब उनसे पूछा गया कि यहां पर तो फूड सेफ्टी अधिकारी नहीं है तो वो बोली कि रेवाड़ी से बुलाया जा रहा है।