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लंपी चर्म रोग का 24 गांवों में प्रकोप, 21 हजार डोज पहुंची

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महेंद्रगढ़। जिले में लंपी चर्म रोग का प्रकोप बढ़ने लगा है। जिले की 6 गोशालाओं के साथ 25 गांवों में यह संक्रमण फैल चुका है। पशु पालन एवं डेयरी विभाग को बुधवार की देर शाम गोट पॉक्स वैक्सी की 21 हजार डोज मिल गई। प्रथम चरण में जिला की गोशालाओं में टीकाकरण की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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पशु पालन विभाग की मानें तो प्रथम चरण में चलाए जाने वाले टीकाकरण अभियान में जहां संक्रमण फैला है वहां की गोशालाओं को शामिल किया जाएगा। राजस्थान से जिला में आने वाले हजारों की संख्या में गायों के झुंडों के कारण ही यह संक्रमण जिले में पहुंचा है। इन झुंडों पर नियंत्रण को लेकर विभाग व प्रशासन के पास कोई योजना तक नहीं है। ये झुंड अब प्रदेश के साथ-साथ पंजाब, उत्तरप्रदेश आदि क्षेत्र में भी पहुंच चुके हैं जिससे संक्रमण का खतरा बना है।
लंपी संक्रमण के चलते खुडाना और गढ़ी में राजस्थानी गायों के झुंडों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। राजकीय पशु औषधालय के प्रभारी अत्तर सिंह ने बताया राजस्थानी गायों के झुंड के क्षेत्र में मिलने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कोई भी झुंड अगर क्षेत्र में दिखाई दे तो सीधे 112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना देकर मामला दर्ज कराएं। बीमारी से पशु पालक भय न मानें। पशु बाड़े की सफाई रखें तथा अपने पशुओं को मक्खी मच्छर से बचाएं। पशु के बीमार होने पर लगातार फिटकरी के घोल से पशुओं को नहलाएं।
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लंपी संक्रमण पर नियंत्रण के लिए विभाग के पास पर्याप्त वैक्सीन है। बुधवार की देर शाम गोट पॉक्स की 21 हजार डोज मिल चुकी है। प्रथम चरण में गोशालाओं में टीकाकरण किया जाएगा। पशु पालक भय मुक्त रहें, संक्रमण में मृत्यु दर बहुत कम है। राजस्थान से यह संक्रमण फैला है।- डॉ. नसीब सिंह, उप निदेशक पशु पालन एवं डेयरी विभाग
कनीना क्षेत्र में पांच पशु लंपी संक्रमण की चपेट में
कनीना। कनीना क्षेत्र में 5 पशु लंपी वायरस से संक्रमित हैं लेकिन अभी वैक्सीन उपलब्ध नहीं कराई गई है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पवन कांगड़ा ने बताया कि क्षेत्र के भड़फ, करीरा, कनीना, दौंगड़ा गांव में 5 पशु संक्रमित मिले हैं। यह एक वायरल बीमारी है, जो एक दूसरे पशुओं में फैलती है लेकिन उपाय कर इस बीमारी से पशुओं को बचाया जा सकता है। लंपी स्किन डिजीज के मिलते जुलते लक्षण पशुओं में देखने को मिले हैं। इस बीमारी के लक्षण पशु को तेज बुखार आना, शरीर पर फोड़े निकलना, पशु के मुंह में से लार गिरना है। संक्रमित पशु खाना भी कम कर देता है। पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सक डॉ. पवन कांगड़ा ने बताया कि लंपी वायरल बीमारी है और पशुओं को मक्खी मच्छर के काटने से फैलता है। पशु में रोग के लक्षण मिलें तो पशु चिकित्सालय में सूचना दें । पशुपालक झोलाछाप चिकित्सकों के चक्कर में ना पड़ें।
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