नारनौल। भौगोलिक स्थिति को देखते हुए जिले में बागवानी की बहुत संभावनाएं हैं। हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसान परंपरागत खेती छोड़कर बागवानी की तरफ आगे बढ़ें। वर्ष 2024-25 के लिए सरकार ने जो लक्ष्य निर्धारित किया है उसे तय समय में पूरा किया जाए। यह निर्देश अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला बागवानी मिशन क्रियान्वयन इकाई के अध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को एमआईडीएच योजना के तहत वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बुलाई गई बैठक में दिए।
बैठक में जिला उद्यान अधिकारी कम सदस्य सचिव डॉ. प्रेम कुमार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच) योजना के तहत वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति के बारे में ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में नए बाग लगाने, बागों के रखरखाव, हाइब्रिड सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन इकाई, मधुमक्खी पालन, मशीनीकरण, संरक्षित खेती एवं पोस्ट हार्वेस्ट इत्यादि मदों में किसानों को लाभांवित किया गया।
जिला उद्यान अधिकारी ने वर्ष 2024-25 के तहत एमआईडीएच की वार्षिक कार्य योजना अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करते हुए बताया कि एमआईडीएच स्कीम की विभिन्न मदों में दो करोड़ 7 लाख रुपये का वित्तीय लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जो कि मुख्य रूप से नया पौधरोपण, बागों के रखरखाव, संरक्षित खेती, मशीनीकरण, पैक हाउस, प्याज भण्डारण कक्ष, लूस फलावर, मसालेदार सब्जियां, सब्जी बीज उत्पादन एवं मशरूम उत्पादन इकाई आदि मदों पर खर्च किया जाएगा।
अतिरिक्त उपायुक्त ने निर्देश दिए कि वर्ष 2024-25 के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए किसानों को योजना की जानकारी देने व खण्ड स्तर पर कुछ गांवों का चुनाव कर के योजनाओं का क्रियान्वयन करें।