प्रवासी मजदूरों के लिए खाना तैयार करते कमेटी सदस्य।
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नारनौल/मंडी अटेली। लॉकडाउन के दौरान जिले के विभिन्न शेल्टर होम्स में करीब 427 प्रवासी मजदूर रुके हुए हैं। प्रशासन की तरफ से इन्हें खाने-पीने और स्वास्थ्य की सुविधा दी जा रही है।
बता दें कि हाल में काफी संख्या में मजदूरों का पलायन हुआ है। मामला बढ़ने पर सरकार ने सभी को शेल्टर होम में रखने का निर्देश दिया था। इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और ऐसे लोगों को पहले रैन बसेरे में रखा गया। नारनौल में ऐसे लोगों को रैन बसेरे और सीनियर सेकेंडरी स्कूल में रखा गया था। अब सभी को सुभाष स्टेडियम के हॉल में ठहराया गया है। जहां पर डॉक्टरों की टीम ने सभी की स्वास्थ्य जांच की है। सुभाष स्टेडियम नारनौल में 51, नांगल चौधरी कॉलेज में 22, मंढाणा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 22 व महेंद्रगढ़ शेल्टर में 74, अटेली राजकीय महाविद्यालय के शेल्टर में 130 प्रवासी मजदूरों के अलावा अन्य शेल्टर होम में भी मजदूर रुके हुए हैं। नारनौल के एसडीएम मनीष फौगाट ने भी स्टेडियम शेल्टर होम का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सुबह-शाम डॉक्टर मजदूरों की स्वास्थ्य जांच करते हैं। हाल में टीवी का भी इंतजाम कराया गया है। दूसरी ओर अटेली के एसएमओ डॉ. सुरेंद्र यादव, डॉ. मनीष कुमार व डॉ. मुकेश कुमार ने शेल्टर होम में ठहरे लोगों की जांच की। उपमंडल अधिकारी द्वारा गठित टीम ने शेल्टर होम में रुके लोगों को खाना खिलाया व छोटे बच्चों को दूध वितरित किया। एसएमओ डॉ. सुरेंद्र यादव ने बताया कि सभी तीन माह से जिले में ठहरे हुए हैं। इनसे कोरोना बीमारी का खतरा नहीं है। सभी लोगों की सामान्य जांच की गई है। बीपी, शुगर के अलावा पेट दर्द व अन्य किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिली। दो-तीन व्यक्तियों को पेट संबंधित रोग मिले। उनका इलाज करवा दिया गया है।