नारनौल। नारनौल की विशेष अदालत ने पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी मनोज उर्फ मोनू को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना और जुर्माना राशि नहीं भरने पर एक साल की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है। न्यायाधीश ने वीरवार को ही आरोपी को दोषी करार दे दिया था। शुक्रवार को न्यायाधीश ने उसको सजा सुनाई है।
पीड़ित पक्ष के सरकारी अधिवक्ता भारत भूषण के अनुसार बताया कि 16 मई 2019 को 13 साल की नाबालिग अपने माता-पिता के साथ छत पर सो रही थी। उसे प्यास लगी तो वह पानी पीने के लिए नीचे आ गई थी। इसी दौरान निजामपुर निवासी मनोज उर्फ मोनू अपहरण कर उसे अपनी दुकान पर ले गया, जहां पर उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया था। महिला थाने में आरोपी के खिलाफ अंडर सेक्शन 4 पॉक्सो एक्ट और आईपीसी की धारा 366 के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले की विशेष अदालत में सुनवाई चल रही थी। एडिशनल सेशन जज अमनदीप दीवान की अदालत ने वीरवार को दोषी करार दे दिया था। शुक्रवार को सरकारी अधिवक्ता एवं आरोपी पक्ष के अधिवक्ता में बहस हुई।
इन धाराओं के तहत सुनाई सजा
न्यायाधीश अमनदीप दीवान ने दोषी को अंडर सेक्शन 4 पॉक्सो एक्ट के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई है और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषी की ओर से जुर्माना नहीं भरा गया तो एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वहीं दोषी पर आईपीसी 366 के तहत 25 हजार का जुर्माना और जुर्माना नहीं भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दोषी की दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। पीड़िता को पांच लाख की मुआवजा राशि भी दी जाएगी।