दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने दोषी को सुनाई सजा
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जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केपी सिंह की अदालत ने मंगलवार को नांगल चौधरी थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध के मामले में आरोपी विक्रम को दोषी करार दिया है। वहीं उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने दोषी विक्रम को धारा 6 पॉक्सो एक्ट के तहत अंतिम सांस तक जेल में रहने के साथ-साथ एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके अतिरिक्त, भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) के तहत उसे दो साल की कठोर कैद और पांच हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आदेश दिया है कि पीड़ित परिवार को 6 लाख रुपये की आर्थिक मुआवजा राशि प्रदान की जाए।
यह मामला इसी वर्ष 9 मई 2025 का है, जब क्षेत्र के एक गांव में दोषी विक्रम ने नाबालिग बच्ची को उस समय बहला-फुसलाकर घर बुला लिया जब वह दुकान से सामान लेने गई थी। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और जान से मारने की धमकी दी। घटना की सूचना मिलते ही थाना नांगल चौधरी की पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ ने इस फैसले पर कहा कि जिला पुलिस महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में प्रभावशाली पैरवी सुनिश्चित करती है ताकि अपराधियों को कठोरतम दंड मिल सके और समाज में कड़ा संदेश जाए।