नांगल चौधरी। दताल गांव में एक माह में दूसरी बार तेंदुआ दिखने से ग्रामीणों में खौफ पैदा हो गया है जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। रविवार को वन विभाग ने आईबीएस नांगल नूनिया के पास पिंजरा लगाया गया लेकिन तेंदुआ अब भी पकड़ से बाहर है।
शनिवार रात हाईवे से सटे खेतों और आबादी के आसपास उसकी हलचल देखे जाने की खबर ने गांव में डर का माहौल है। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और ताजा पैरों के निशान मिलने की पुष्टि की। इससे यह साफ हो गया कि तेंदुआ अभी भी गांव के आसपास ही मंडरा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि रात होते ही गांव में सन्नाटा पसर जाता है और छोटी-सी आहट भी लोगों को चौंका देती है। बता दें कि इससे पहले 29 जनवरी को भी तेंदुआ दताल गांव के पास देखा गया था जिसके बाद अब शनिवार और रविवार को देखा गया है।
समूह बनाकर खेतों में जा रहे किसान
सरसों की कटाई शुरू हो चुकी है लेकिन किसानों भय के साये में खेतों में काम करना पड़ रहा है। कोई भी अकेले खेत में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा। समूह बनाकर जाना, टॉर्च और डंडा साथ रखना अब मजबूरी बन गया है। पशुपालकों की चिंता भी बढ़ गई है क्योंकि खुले में बंधे पशु तेंदुए के आसान शिकार हो सकते हैं।
टॉर्च व डंडा साथ रखने की सलाह
वन विभाग ने अफवाहों से बचने की अपील की है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने को कहा है। लोगों को सतर्क रहने, रात के समय अकेले बाहर न निकलने और खेतों में जाते समय टॉर्च व डंडा साथ रखने की सलाह दी है।
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तेंदुआ पास के जंगल से भटककर गांव की ओर आ गया है। वह अभी भी खेतों के बीच छिपा हो सकता है। वन विभाग की टीम ने पिंजरा लगाया है लेकिन जब तक तेंदुआ पकड़ में आता है गांव में भय का माहौल बना हुआ है।-कर्मपाल, प्रतिनिधी चेयरमैन पंचायत समिति, नांगल चौधरी
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शनिवार रात को हाईवे के पास खेतों में तेंदुआ देख गया था। इसके बाद रविवार सुबह ताजा पद चिह्न देखे गए थे जिससे डर और बढ़ गया हैं।-जिलेसिंह, सरपंच, दताल गांव
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तेंदुआ किसी शिकार की तलाश में आबादी के करीब आ रहा है। जब तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आता है डर का माहौल बना रहेगा।-सूबेदार घीसाराम, ग्रामीण, दताल गांव
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जब तक तेंदुआ को पकड़ नहीं लिया जाता, तब तक बच्चों और महिलाओं को अकेले बाहर नहीं भेजने में जर लग रहा है।-रजनेश जांगिड़, ग्रामीण, दताल गांव