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Mahendragarh-Narnaul News: मुकुंदपुरा गांव की पहाड़ी पर दिखा तेंदुआ, ग्रामीणों में दहशत

Tue, 25 Jul 2023 01:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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गांव में पहाड़ी की चोटी पर बैठा तेंदुआ।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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नारनौल। मुकुंदपुरा गांव की एक पहाड़ी पर फिर से ग्रामीणों को तेंदुआ दिखा है। ग्रामीणों ने उसका वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया है। साथ ही जिला प्रशासन से मांग की है कि इस तेंदुए को भी पकड़ा जाए। वहीं दो दिन पहले मुसनौता गांव की गोशाला के बाहर भी एक गाय मृत मिली थी, उसे भी तेंदुआ ने मार दिया था।
वहीं वन्य प्राणी विभाग मुसनौता गांव में मंगलवार या बुधवार को दौरा करेगा और स्थिति देखेगा। यदि जरूरत पड़ेगी तो वहां पर पिंजरा भी लगाया जाएगा। पिछले चार दिन में तीसरी बार तेंदुआ सामने आया है, जिसमें शुक्रवार को एक तेंदुए को पकड़ भी लिया गया था। उसके बाद दो बार तेंदुआ ग्रामीणों को दिख चुका है। मुकुंदपुरा में दोबारा तेंदुआ दिखने पर ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों की प्रशासन से मांग है कि इस तेंदुए को भी पकड़ा जाए। ग्रामीणों ने जो वीडियो वायरल किया है, उसमें एक तेंदुआ पहाड़ी की चोटी पर बैठा हुआ है। कुछ ग्रामीणों ने उसे देखा और उसरा वीडियो बना लिया।
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शुक्रवार को पकड़ा था तेंदुआ
बीते शुक्रवार को मुकुंदपुरा गांव से तेंदुआ पकड़ा गया था। उसके लिए अलग-अलग जगह पर गांव में तीन पिंजरे लगाए थे। मीट की गंध से तेंदुआ पिंजरे में फंस गया था। उसे बाद में शनिवार को फिरोजपुर झिरका के पहाड़ी इलाके में छोड़ दिया गया।

दो दिन पहले मुसनौता में गाय को बनाया शिकार
दो दिन पहले मुसनौता गांव में भी तेंदुए ने एक गाय को शिकार बनाया था। यह गोशाला भी पहाड़ी के नजदीक है। मुसनौता गांव में श्री देवनारायण गोशाला है, जिसमें करीब छह सौ गोवंश हैं। यह गोशाला पहाड़ी के पास होने की वजह से तेंदुए पहले भी गोवंश को शिकार बना चुके हैं।
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पहाड़ी क्षेत्रों में तेंदुए हैं। मुसनौता में तेंदुए द्वारा गाय का शिकार करने की सूचना मिली है। अधिकारियों के आने पर एक-दो दिन में उस क्षेत्र का दौरा किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो पिंजरा भी लगाया जाएगा। मुकुंदपुरा का भी एक वीडियो सामने आया है। पहाड़ी क्षेत्र तेंदुओं का घर है। वहां जाकर पकड़ना काफी मुश्किल है। खेत या गांव में पकड़ा जा सकता है। फिर भी प्रयास किए जाएंगे।
- चरण सिंह, निरीक्षक, वन्य प्राणी विभाग, नारनौल।
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